चेन्नईः तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता तृषा को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, पूर्व सीएम एम. के. स्टालिन के बेटे व डीएमके नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को आज पुलिस ने उनके चेन्नई स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। उन पर तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर एक रैली के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु सीएम थलपति विजय की फ्रेंड त्रिशा कृष्णन को लेकर डबल मीनिंग बाते की थीं। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. पी. विजयकुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने उदयनिधि को उनके घर से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए पुलिस वाहन में ले गई।
बता दें कि कावेरी जल विवाद पर एक रैली के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और अभिनेत्री तृषा पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विजय की पार्टी टीवीके ने शिकायत दर्ज कराई थी और इस मामले को लेकर उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। गिरफ्तारी के बाद तमिलगा वेत्री कझगम ने उन पर तीखा हमला बोला और उनके बयान को महिलाओं का अपमान बताया। टीवीके नेता अमेरिकाई नारायणन ने उदयनिधि को “उधयनिधि नहीं, वल्गर-निधि” कहकर निशाना साधा।
मामले पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं को ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए। कार्ति चिदंबरम ने कहा, “इस तरह की हल्की और गैर-जरूरी टिप्पणियों से बचा जाना चाहिए। यह टिप्पणी पूरी तरह टाली जा सकती थी।” मामले ने तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं गिरफ्तारी के दौरान उदयनिधि स्टालिन मुस्कुराते हुए नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने गिरफ्तारी को “मजाक” करार दिया और कहा कि वह इस मामले में कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेंगे।
इधर, जब जस्टिस जीके इलांथिरैयन ने कार्यवाही शुरू की तो वकील हसन मोहम्मद जिन्ना ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की। अनुरोध स्वीकार करते हुए जज ने दोपहर बाद अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की। यह मामला सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल-बंटवारे के मुद्दे पर विरोध करने के लिए आयोजित डीएमके की रैली से जुड़ा है। अपने संबोधन के दौरान उदयनिधि ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए डबल मीनिंग वाली टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। टीवीके की शिकायत के बाद तंजावुर पुलिस ने डीएमके नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। गिरफ्तारी की आशंका के चलते उदयनिधि ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया।