अमृतसरः जिले में भारतीय नौसेना के जवान लवप्रीत सिंह ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के +110 किलोग्राम सुपर हैवीवेट वर्ग में चांदी का पदक जीतकर भारत और पंजाब का मान बढ़ाया है। लवप्रीत सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद गांव, परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लवप्रीत के गांव के सरपंच गुरजंट सिंह ने कहा कि लवप्रीत ने न केवल अपने परिवार और गांव का, बल्कि पूरे जिले, पंजाब और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि लवप्रीत का गांव पहुंचने पर ढोल-धमाकों और फूलों की बारिश से शानदार स्वागत किया जाएगा।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि यदि किसी भी गरीब परिवार के बच्चे में खेलों का हुनर है तो वह उसकी ट्रेनिंग का पूरा खर्चा उठाने के लिए तैयार हैं, ताकि युवा नशे से दूर रहकर खेलों में अपना भविष्य बना सकें। लवप्रीत के कोच हीरा सिंह ने बताया कि लवप्रीत ने इस मेडल के लिए काफी कड़ी मेहनत की है। वह करीब डेढ़ साल से घर नहीं आए और लगातार ट्रेनिंग करते रहे। कोच ने कहा कि एक किलोग्राम के फासले से गोल्ड मेडल हाथ से निकल गया, जिसका थोड़ा दुख जरूर है, लेकिन अगली बार गोल्ड जीतने के लिए और मेहनत की जाएगी। उन्होंने बताया कि लवप्रीत ने साल 2011 में महज 13 साल की उम्र में वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग शुरू की थी। लवप्रीत के पिता गुरपाल सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की इस उपलब्धि पर बहुत गर्व है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ परिवार नहीं, बल्कि पूरे गांव, अमृतसर और भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि गांव वाले अपने चैंपियन का पूरे मान-सम्मान के साथ स्वागत करेंगे। वहीं लवप्रीत सिंह ने कहा कि पिछले दो सालों से वह पटियाला और मोदी नगर में लगातार ट्रेनिंग कर रहे थे और आज उस मेहनत का फल मिला है। उन्होंने बताया कि मेडल जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। लवप्रीत ने कहा कि वह इस समय भारतीय नौसेना में सेवा निभा रहे हैं और पंजाब सरकार से अपील की कि उन्हें पंजाब में भी उच्च पद पर सेवा करने का मौका दिया जाए। उन्होंने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना है और इसके लिए तैयारी जोर-शोर से चल रही है।