शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के सकारात्मक परिणाम अब आर्थिक मोर्चे पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की नीति के चलते कांग्रेस सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों का तेजी से निपटारा कर रही है। इसी क्रम में वित्त वर्ष 2026-27 में 27 जून तक राज्य सरकार ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए 212 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इनमें 131.03 करोड़ रुपये पेंशनरों तथा 80.97 करोड़ रुपये सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वित्त विभाग ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के शीघ्र भुगतान के लिए यह धनराशि जारी की है। कर्मचारी एवं पेंशनर अपने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान के संबंध में अपने आहरण एवं वितरण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। वर्तमान सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। वर्षों से लंबित वित्तीय दायित्वों का चरणबद्ध समाधान कर कांग्रेस सरकार ने यह सिद्ध किया है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए अथवा दिवंगत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को भी बड़ी राहत प्रदान की है। जिनकी मूल पेंशन 25,000 रुपये प्रतिमाह तथा पारिवारिक पेंशन 15,000 रुपये प्रतिमाह तक है, उनके लंबित एरियर जारी कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक जनवरी, 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनरों के संशोधित पेंशन एरियर का पूर्ण भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को आरडीजी तथा जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में केंद्र सरकार से लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त हुई थी। इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों को छठे वेतन आयोग के एरियर तथा अन्य देय वित्तीय लाभों का समयबद्ध भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया तथा अब प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ-साथ कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों का भी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। व्यवस्था परिवर्तन का उद्देश्य केवल आर्थिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता के विश्वास को मजबूत करना भी है।

