जालंधर, ENS: पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा की ओर से केंद्र सरकार व राज्य सरकार के संदर्भ में एक टिप्पणी में ‘बेटी’ शब्द के इस्तेमाल और एक मुहावरे के प्रयोग को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों के साथ तीखी बहस और हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष के विधायक व मंत्रियों ने आरोप लगाया कि भाजपा आज भी बेटा-बेटी में फर्क करती है, जिस पर अश्वनी शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनके शब्द का गलत अर्थ निकाला गया और यदि इससे किसी की भावनाएं आहत हुई तो उन्हें इसका अफसोस है, लेकिन आप सरकार एक शब्द को मुद्दा बनाकर अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
विधानसभा में विधायक भाजपा अश्वनी शर्मा के महिलाओं पर दिए गए बयान को लेकर आप नेता दीपक बाली ने भाजपा पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहाकि यह भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है कि पार्टी में किस तरह के लोग शामिल है। बाली ने कहाकि महिलाओं के कारण ही परिवार खुशियां मनाता है। पंजाब में धीयां की लोहड़ी मनाई जाती है। वहीं अश्वनी शर्मा बेटी होने पर इल्जाम लगा रहे है, यह मंदबुद्धि लोग है।
हमारे धार्मिक ग्रंथ शिक्षा देते है, रामायण हमें अच्छा जीवन व्यतीत करने के बारे में अवगत करवाती है। बाली ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सोच रहे है यह कौन से धर्म में पले है। उन्होंने कहा कि भाजपा कहती है कि वह सनातन के लिए काम करते है। ऐसे में सनातन में रहकर उन्हें यह समझ नहीं आया कि वह बेटियों के जन्म पर भद्दा कमेंट कर रहे है, क्या लगता है ऐसे लोग राजनीति में रहने चाहिए। बाली ने कहाकि ऐसे लोगों को घर के चारदीवारी से बाहर निकलना बंद कर देना चाहिए। ऐसे लोगों को कुछ नहीं पता वह अगला कौन सा भद्दा कमेंट कर दें। आने वाले समय में यह लोग पाताल में गिरेंगे।