चंडीगढ़: हरियाणा में सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 10 दिन की समय-सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि म्हारी सड़क एप पर आने वाली शिकायतों पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतें लंबित न रहें और संबंधित अधिकारी समय पर काम पूरा करवाएं। मुख्यमंत्री सचिवालय में म्हारी सड़क एप और विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए। पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) सहित सभी विभागों की सड़कें पीडब्ल्यूडी के तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं। यदि किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के प्रदर्शन को उसकी एसीआर से जोड़ा जाएगा।
बैठक में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि विभाग हर जिले में एक मॉडल रोड बना रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में प्रदेश में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 63,621.53 किलोमीटर सड़क की समीक्षा की गई है। वर्ष 2026-27 में 7,352.26 किलोमीटर की 6593 सड़कों के सुधार कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 769.35 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 1,347.14 किलोमीटर पर काम चल रहा है। बाकी काम भी तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
