पुणेः महाराष्ट्र के पुणे से रंगदारी और फायरिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को कथित तौर पर बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए एक एच विकास स्टील कारोबारी अमोल राजेंद्र चमडाई से रंगदारी की मांग की। कारोबारी द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही घंटों बाद उनकी फैक्ट्री पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच कर रही है।
दूसरी ओर, फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में गैंगस्टर आरजू बिश्नोई ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया है कि पुणे में हवाला कारोबारी अमूल चमड़िया और सनी चमड़िया की कंपनी पर हुई फायरिंग उनके इशारे पर करवाई गई। पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि संबंधित लोगों को पहले कॉल किए गए थे, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद कंपनी पर फायरिंग की गई।
वहीं ऑडियो संदेश के जरिए कहा गया कि कारोबारी को पहले फोन पर धमकी दी गई थी। हालांकि, आरोप है कि धमकी को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके कुछ समय बाद हमलावरों ने सीधे दफ्तर को निशाना बनाते हुए गोलीबारी कर दी। वायरल ऑडियो में आरजू बिश्नोई नामक व्यक्ति कह रहा है कि कारोबारी को फोन किया था और वह हलके में ले रहा था। आगे कहा कि अगली बार गोली दीवार पर नहीं बल्कि छाती पर मारी जाएगी। व्यक्ति ने कहा कि वह बिना किसी को तंग परेशान नहीं करते, जो 2 नंबर का काम करते है, उन्हें ही वह फोन करते है।
सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि फायरिंग के बाद कारोबारी को जान से मारने की धमकी भी दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि धमकी और फायरिंग के पीछे असली मकसद क्या था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और वायरल पोस्ट तथा फायरिंग घटना के बीच संबंधों की पड़ताल की जा रही है।
