युवाओं को गुरुओं की शिक्षाओं से जुड़ने का दिया संदेश, छबीलों और लंगरों के जरिए सेवा भाव का प्रदर्शन
मालेरकोटलाः श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नमन करने के लिए सचखंड श्री दरबार साहिब पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरु घर में मत्था टेका, गुरबानी कीर्तन सुना और पूरी मानवता की तरक्की व सभी की भलाई के लिए प्रार्थना की। इस पवित्र दिन पर दरबार साहिब का माहौल पूरी तरह से गुरुमय हो गया था।
अमरगढ़ से आए वरिंदर सिंह ने बताया कि वे शहीदी दिवस पर गुरु अर्जन देव जी के दर्शन करने के लिए अपने परिवार और अन्य श्रद्धालुओं के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अद्वितीय बलिदान दिया था, जिसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे गुरु घर आकर श्रद्धा और सम्मान के साथ नमन करें और गुरुओं की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं। युवा पीढ़ी के बारे में बात करते कहा कि आज कई युवा गलत रास्तों की ओर बढ़ रहे हैं। समाज और धार्मिक संस्थाओं को मिलकर ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे युवाओं को गुरबानी और सिख इतिहास से जोड़ा जा सके।
इस मौके पर मंजीत सिंह खालसा ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस सिख इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री दरबार साहिब पहुंचकर नमन करते हैं और गुरु साहिब की महान शहादत को याद करते हैं।
वहीं जसविंदर सिंह मानपुर ने कहा कि वे पूरी श्रद्धा के साथ गुरु घर में नमन करने आए हैं। उन्होंने कहा कि दरबार साहिब पहुंचने पर मन को अपार शांति और सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु गुरु घर पहुँचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं, जो गुरु साहिब के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है। शहीदी दिवस के मौके पर शहर भर में ठंडे और मीठे पानी की छबीलों और लंगरों का भी खास इंतज़ाम किया गया है। श्रद्धालुओं ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार छबीलें लगाई जा रही हैं और हर कुछ किलोमीटर की दूरी पर सेवा की जा रही है। सेवादार पूरी श्रद्धा और लगन के साथ श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं, जिससे गुरु अर्जन देव जी की शहादत का संदेश – सेवा, ध्यान और मानवता – और मज़बूत हो रहा है।
