जालंधर: फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में देर रात भारी बवाल, पुलिस और मीडिया कर्मियों पर स्टूडेंट्स द्वारा हमला किया गया। इस दौरान पुलिस और मीडिया कर्मियों की गाड़ियों में तोड़ाफोड़ की गई और आग के हवाले कर दिया गया। वहीं चांसलर का दफ्तर भी आग लगाकर फूंक दिया गया।

इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने स्थिति को नियंत्रित करने और कैंपस में माहौल को देखते हुए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नोटिस जारी कर 10 दिनों के लिए सभी नियमित कक्षाओं को निलंबित कर दिया गया है। यह निलंबन 28 सितंबर से प्रभावी माना जाएगा। इसके साथ ही आने वाले दिनों में आयोजित होने वाली मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक स्थगित करने की घोषणा की गई है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्रों को भेजे गए आधिकारिक संदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए छात्र अपने माता-पिता और अभिभावकों की सहमति से अपने-अपने घर या गृह नगर जा सकते हैं। इस दौरान जो छात्र परिसर में ही रुकना चाहते हैं, उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपनी सुरक्षा के मद्देनजर हॉस्टल या अपने रहने के स्थान के भीतर ही रहें। किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और अनावश्यक रूप से बाहर घूमने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, छात्रों में कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए, जिनके द्वारा माहौल को खराब किया जा सकता है। बता दें कि इस घटना में
LPU में हुई हिंसक घटना पर मैनेजमेंट की चूक साफ दिखाई दे रही है। हैरानी की बात है कि इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी को चलाने वाली मैनेजमेंट का कंट्रोल छात्रों पर ना के सामान है। शनिवार रात से चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को खत्म करने में मैनेजमेंट असफल साबित हुई है। जिसका खामियाजा घायल मीडिया व पुलिस कर्मियों को भुगतना पड़ा है।
वहीं, यूनिवर्सिटी के कैंपस में बने मॉल में हुई चोरी ने भी सुरक्षा की पोल खोल दी। यदि मैनेजमेंट खुद की प्रापर्टी की रक्षा नहीं कर सकती तो छात्रों की सुरक्षा भला कैसे करेगी। छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देख लग रहा है कि एलपीयू मैनेजमेंट का कंट्रोल इस हिंसक घटना पर शून्य है।