नई दिल्लीः शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत हुई। सेंसेक्स 361 अंकों की कमजोरी के साथ 75 हजार के नीचे पर और निफ्टी 113 अंक फिसलकर 23,522.05 पर खुला है। आज भी IT स्टॉक्स पर दबाव बरकरार है। माना जा रहा है कि जियोपॉलिटिकल हालात को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें निवेशकों के सेंटीमेंट पर हावी हैं और रिस्क लेने की इच्छा कम है।
एक ओर एशियाई बाजार बुधवार को चढ़कर खुले तो यूएस स्टॉक फ्यूचर्स ने लगभग फ्लैट ट्रेड किया। इसके अलावा गिफ्ट निफ्टी एक कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। तेल की धार पर शेयर बाजार के फिसलने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।
एनालिस्ट्स का कहना है कि इंडेक्स का तत्काल रुझान अभी भी नीचे की ओर है और डेली चार्ट पर लगातार ‘हायर हाई’ और ‘हायर लो’ बनने पर ही डाउन ट्रेंड में रुकावट का संकेत मिलेगा। भारतीय प्राइवेट इक्विटी फर्म ‘ट्रू नॉर्थ’ की कंपनी ‘एक्टिव पाइन’ ब्लॉक डील के जरिए बायोकॉन के पेड-अप इक्विटी का लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा (यानी 1.66 करोड़ तक शेयर) बेच सकती है। इस डील का साइज 638.4 करोड़ रुपए और फ्लोर प्राइस 385 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है।
बुधवार को लगातार चौथे सत्र में तेल की कीमतें बढ़ीं। ईरान द्वारा खाड़ी में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर नए हमले शुरू करने के बाद शुरुआती कारोबार में 1 डॉलर से अधिक चढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.57 डॉलर या 1.6% बढ़कर 99.49 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.60 डॉलर या 1.72% बढ़कर 94.63 डॉलर प्रति बैरल हो गया। अगस्त की शुरुआत से ब्रेंट की कीमतें लगभग 25% बढ़ गई है।