शिमला : राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज शिमला में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित शिव-शक्ति महाकथा एवं शिव विवाह महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा सर्वांगीण विकास की कामना की। इस आध्यात्मिक आयोजन में भाग लेने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन भारत की सनातन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि करुणा, समरसता और सार्वभौमिक बंधुत्व जैसे शाश्वत मूल्यों पर आधारित जीवन पद्धति है। उन्होंने प्राचीन भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आदर्श आज भी मानवता को शांति, सह-अस्तित्व और विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता है।
राज्यपाल ने कहा कि संयुक्त परिवारों से एकल परिवारों की ओर बढ़ना सामाजिक परिवर्तन को प्रतिबिंबित करता है लेकिन इसके कारण पारिवारिक संस्कार, भावनात्मक जुड़ाव और परिवार के सदस्यों के बीच सार्थक संवाद कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार की नींव प्रेम, परस्पर सम्मान और संवाद पर आधारित होनी चाहिए। युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस बुराई के समूल नाश के लिए कानून की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन सामाजिक दुष्प्रभावों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम संस्कारयुक्त परवरिश है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के साथ समय बिताएं, उनसे खुलकर संवाद करें तथा उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ें। राज्यपाल ने समाज से आह्वान किया कि सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक परम्पराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से युवाओं को जोड़ा जाएं।


