बद्रीनाथः श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद अब श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिसकों लेकर लोगों में हड़कंप मच गया है।
काल भैरव सेना के अध्यक्ष संजीव खत्री ने आरोप लगाया है कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायक के रूप में कार्यरत एक कर्मचारी ने मंदिर में आए चढ़ावे में हेराफेरी की है। उन्होंने दावा किया कि कथित घटना सुबह करीब 8 से 8:30 बजे के बीच हुई और उस समय की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनका ये दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
आपको बता दें इससे पहले श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में प्रशासन ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस आरोपियों के घरों में बुलडोजर की भी कार्रवाई की जा रही है।
इन आरोपों के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने जांच के आदेश दिए हैं। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत द्विवेदी ने इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे दावों का खंडन करते कहा कि जिस कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है और पहले भी समिति के तीन अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है।
वहीं बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि वायरल आरोपों के बाद मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई। हालांकि उपलब्ध फुटेज में अपेक्षित स्पष्टता नहीं मिल सकी। मामले की पूरी जानकारी समिति अध्यक्ष को दे दी गई है और उनके निर्देश पर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
मंदिर समिति ने अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को फैलाने से बचा जाए। समिति का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े विश्वविख्यात श्री बद्रीनाथ धाम से संबंधित है, इसलिए तथ्यों के सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।


