गुरु पूजा महोत्सव के पांचवें दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, हजारों भक्तों ने किए दर्शन और लिया आशीर्वाद
ऊना,सुशील पंडित: श्री राधा कृष्ण मंदिर, कोटला कलां में गुरु पूर्णिमा एवं व्यास पूजा के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य गुरु पूजा महोत्सव के पांचवें दिन सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु राष्ट्रीय संत परमश्रेष्ठ श्री श्री 1008 संत बाबा बाल जी महाराज के पावन दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मंदिर पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा वातावरण भजन-कीर्तन, सत्संग एवं गुरु महिमा के जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक प्रबंध किए गए थे। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन करवाए, जिससे पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन एवं व्यवस्था बनी रही। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक गुरु महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने प्रेरणादायक प्रवचनों में संत बाबा बाल जी महाराज ने गुरु पूजा के विशेष महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही मनुष्य के जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु पूजा केवल एक धार्मिक परंपरा या उत्सव नहीं है, बल्कि यह अपने जीवन को गुरु के आदर्शों, संस्कारों और उपदेशों के अनुरूप ढालने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गुरु के बताए मार्ग पर चलता है, उसके जीवन में सुख, शांति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक उन्नति स्वतः प्राप्त होती है।
संत बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि केवल गुरु का सम्मान करना या उनके चरणों में शीश नवाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके बताए हुए सत्य, सेवा, सदाचार, प्रेम और मानवता के मार्ग को अपने जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धा और वास्तविक गुरु भक्ति है। गुरु के उपदेशों को व्यवहार में उतारने वाला व्यक्ति स्वयं भी सफल जीवन जीता है और समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है।
उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य का संबंध विश्वास, समर्पण और आत्मीयता का संबंध होता है। गुरु अपने शिष्य को केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सही निर्णय लेने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। गुरु का सान्निध्य मनुष्य के चरित्र का निर्माण करता है तथा उसे समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नशामुक्त, संस्कारवान और सेवा भाव से युक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से सत्संग, भजन-कीर्तन एवं गुरु वंदना में भाग लिया। दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और गुरु महाराज के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट के सचिव किशोर चंद ने बताया कि गुरु पूजा महोत्सव में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा बाल जी महाराज के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट द्वारा उनके ठहरने, भोजन और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं के लिए विशाल लंगर निरंतर चल रहा है, जहां सभी भक्त प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के भी समुचित प्रबंध किए गए हैं। स्वयंसेवकों की टीमें पूरी निष्ठा और सेवा भाव से श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हुई हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
गुरु पूजा महोत्सव के पांचवें दिन भी श्री राधा कृष्ण मंदिर, कोटला कलां पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। महोत्सव में प्रतिदिन बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा, विश्वास और आस्था का जीवंत प्रमाण बन रही है।


