नई दिल्ली: ईरान पर लगातार 13 दिनों तक सैन्य हमले करवाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मूड अचानक बदल गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई रोकने का फैसला कर लिया है। यह फैसला उस समय पर आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने इशारा किया था कि अमेरिका पहले से भी बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है। मीडिया से गुरुवार को बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह कहा था कि ईरान को अभी तक ठीक तरह से नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पहले से बड़े हमले पर विचार कर रहे हैं। फैसले लेने के बाद बहुत करीब हैं। इसके बाद अमेरिका ने लगातार 13 वीं रात भी ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
ट्रंप ने दिए कार्रवाई रोकने के आदेश
अगले ही दिन स्थिति बदल गई। वहीं पेंटागन ने 14वीं रात के लिए भी नए हमलों की योजना तैयार कर ली थी। ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई रोकने के आदेश दे दिया है। इससे सवाल उठने लग चुके हैं कि आखिर 24 घंटे के अंदर ऐसा क्या हुआ है जिसने अमेरिका के राष्ट्रपित का रुख बदल दिया है। इससे पहले जो रिपोर्टें सामने आई उसमें यह बताया गया है कि ट्रंप कूटनीतिक बातचीत के लिए ज्यादा अवसर देना चाहते थे। इसके अलावा अमेरिकी सेना को यह भी चिंता थी कि मिसाइल इंटरसेप्टर का स्टॉक तेजी से खत्म होता जा रहा है। अब एक नई रिपोर्ट में इस फैसले के पीछे की एक और महत्वपूर्ण वजह सामने आ चुकी है।
सीमा तक पहुंचा सैन्य अभियान
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, मीडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के टॉप कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने ट्रंप को यह सलाह दी ती कि मौजूदा सैन्य अभियान अपनी तय सीमा तक पहुंच गया है। इसे जारी रखने से खास फायदा नहीं मिलेगा। एडमिरन कपूर ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आस-पास के इलाकों में दो हफ्ते तक चले हमलों के कारण ईरान की समुद्री हमले करने की क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में सिर्फ बचे हुए टारगेट पर बड़े स्तर की सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरु की जा सकती है लेकिन मौजूदा स्थिति में उसी स्तर की बमबारी जारी रखने का कोई खास कारण नहीं दिखाता है।
ट्रंप के अंतिम फैसले को किया प्रभावित
एडमिरल कूल की सलाह में कई प्रमुख कारण शामिल थे जिन्होने ट्रंप के अंतिम फैसले को प्रभावित किया है। इसके बाद ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में होने वाले नए हमलों पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इसी बीच जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन ने भी ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी थी कि एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों का तेजी से कम होता स्टॉक आने वाले समय में अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए समस्या पैदा कर सकता है।

