फरीदकोटः अपनी मांगों को लेकर लगातार मोर्चा खोले बैठी पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन ने 27 अगस्त के पंजाब महाबंद को अपना पूर्ण समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। वहीं फरीदकोट में व्यापारियों का साथ पंजाब बंद को लेकर समर्थन नहीं मिला। फरीदकोट के प्रमुख कारोबारी संगठनों ने सर्वसम्मति से इस महाबंद का समर्थन न करने का फैसला किया है। शहर के व्यापार मंडल की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है कि 27 अगस्त को फरीदकोट शहर के सभी बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें आम दिनों की तरह सामान्य रूप से खुली रहेंगी।
व्यापारी नेताओं ने बंद का समर्थन न करने के पीछे व्यावहारिक और जनहित से जुड़े कारणों का हवाला दिया है। व्यापारी नेताओं ने बताया कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पावन त्योहार है। त्योहार से ठीक एक दिन पहले (27 अगस्त को) ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए बाजारों में उमड़ते हैं। त्योहार के ऐन वक्त पर बाजार बंद रखने से न केवल व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता, बल्कि आम जनता को भी त्योहार की तैयारियों और खरीदारी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता।
कर्मचारी संगठनों द्वारा बंद की घोषणा किए जाने के बाद पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फरीदकोट के बाजार बंद रहने की अफवाहें और भ्रामक जानकारियां तेजी से प्रसारित हो रही थीं। इस असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए ही शहर के कारोबारी संगठनों की यह आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें दुकानदारों ने एक सुर में बाजार खुले रखने का निर्णय लिया। बैठक में मौजूद वरिष्ठ व्यापारी नेता राजन ठाकुर और अन्य कारोबारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कर्मचारी संगठन की जायज मांगों के खिलाफ नहीं हैं। व्यापारी वर्ग हमेशा सामाजिक और कर्मचारी हितों के साथ खड़ा रहा है। इससे पहले सिख संगठनों और सफाई सेवक यूनियन द्वारा किए गए बंद के आह्वानों को फरीदकोट के व्यापारियों ने अपना पूरा समर्थन दिया था। लेकिन इस बार मामला सीधे तौर पर रक्षाबंधन के त्योहार से जुड़ा है, इसलिए 27 अगस्त को दुकानें बंद रखना किसी भी सूरत में संभव नहीं है।”