उत्तर प्रदेशः पीलीभीत में बीती रात किसान के घर पहुंचे बाघ को देख इलाके में हड़कंप मच गया था। किसान के परिवार ने खुद को घर में बन्द कर लिया था। ग्रामीणों ने बाघ के घर में घुसने की सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद वन विभाग की टीम व पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे वनाधिकारियो ने करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाघिन का सकुशल रेस्क्यू कर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए टाइगर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है।
एक्सपर्ट डाक्टर की टीम द्वारा जांच के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बाघिन को छोड़ा जाएगा। बताया जा रहा ये वही बाघिन है जो पिछले करीब तीन माह से जंगल के बाहर पिपरिया सन्तोष, मल्लपुर, जमुनिया सहित कई गांवों के रिहायशी इलाके में देखा जा रहा था। फिलहाल ग्रामीणों ने बाघिन के रेस्क्यू के बाद अब चैन की सांस ली है। बता दें कि, पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे गांव अटकोना में एक घर की दीवार पर बैठे बाघ की तस्वीरें सामने आई थीं।
बीती रात करीब 12 वजे सरदार सुखविंदर सिंह के घर में बाघ आ घुसा था। जानकारी के मुताबिक पहले बाघिन ने घर में सो रहे किसान पर हमले का प्रयास किया, लेकिन बाघिन हमले में नाकाम साबित हुई। उसके बाद पूरे परिवार व बच्चों ने अपने आप को सुरक्षित घर में कैद कर आस पड़ोसियों को फोन पर सूचना दी। जिसके बाद सभी ग्रामीणें ने एकत्र होकर बाघ की तस्वीर लेकर वन विभाग को सूचना दी।
सुबह होते ही वन विभाग की टीम, एक्सपर्ट डॉक्टर्स ने पहुंचकर बाघिन को कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल रेस्क्यू कर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए टाइगर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया। सरदार जोगेंद्र सिंह ने बताया कि रात के 12 बजे बाघ आ गया था। रात भर डर के मारे सब घर में बंद रहे। जिसके बाद वन विभाग के लोग आये और बाघ को ट्रेंकुलाइज करके ले गए। डीएफओ नवीन खण्डेलवाल ने बताया कि रात भर बाघ ने चहलकदमी की है। बड़ी मेहनत कर उसे पकड़ा गया है। यहां बाघों की संख्या अधिक है। लगातार बाघ की मूवमेंट देखने को मिलती रहती है। इस बाघिन को अब रेस्क्यू कर मेडिकल परीक्षण के लिए टाइगर रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया है। उच्च अफसरों के आदेश पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
