चंडीगढ़ः सेक्टर 11 में मेडिकल स्टोर पर गोलियां चलने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार कुमार मेडिकल स्टोर पर गोलियां चलाकर हमलावर फरार हो गए। इस घटना में कैशियर की मौत हो गई। इसके बाद फायरिंग मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों ग्रुप नाम के पेज पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा गया है कि जो भी लोग हमारी और हमारी गैंग के लोगों की कॉल नहीं उठाएंगे उनके साथ ऐसा ही होगा। वहीं उन्होंने लिखा कि जो भी लॉरेंस को पैसे देगा उसके साथ भी ऐसा ही होगा वह अपनी तैयारी करके रखें।

ये था पूरा मामला
सेक्टर 11 में मेडिकल स्टोर पर गोलियां चलने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार कुमार मेडिकल स्टोर पर गोलियां चलाकर हमलावर फरार हो गए। इस घटना में कैशियर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय जानकीदास निवासी हिमाचल के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने कहाकि घटना को अंजाम 3 व्यक्तियों द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि ढाई बजे मास्क पहने दो व्यक्ति दुकान के कर्मी जानकीदास पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान तीसरा आरोपी बाइक पर बाहर बैठा हुआ था। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि दुकानदार को कोई थ्रेट कॉल नहीं आई थी। इस घटना में एक की मौत हो गई। जांच के दौरान पता चला है कि 13 के करीब फायरिंग की गई। जानकीदास कैशियर के पद पर तैनात था। घटना को लेकर आसपास लगे फुटेज खंगाले जा रहे है। वहीं जगह-जगह नाकेबंदी कर दी गई है। बता देंकि घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है, मुंह पर मास्क पहने 2 नौजवान दुकान में आते है और सीधे फायरिंग कर देते है।
घटना के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है। जिसमें मेडिकल स्टोर के मैनेजर और कैशियर जानकीदास गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे डीएसपी दलवीर पुलिस फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गए। घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे मार्केट ब्लॉक को सील कर दिया और सीसीटीवी फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि एक्टिवा पर आए 3 बदमाशों ने कुमार मेडिकल स्टोर को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। लोगों के अनुसार आरोपियों के पास ऑटोमेटिक हथियार थे।
