बाजार की नई संभावनाएं तलाशने और आधुनिक तकनीक अपनाने पर दिया जोर
बददी,सचिन बैंसल: उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से बददी के किशनपुरा ली-मैरियट सभागार में वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों और सप्लायर्स को बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ जोड़ना तथा उनके लिए कारोबार की नई संभावनाएं तलाशना रहा। कार्यक्रम में जेम , सिडबी बैंक सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उद्योग प्रतिनिधियों को दी गई।
बायर-सेलर मीट के दौरान एबौट,मारेपैन, एलकेम, टौरेंट फार्मा और मैकलयोड फार्मा जैसी प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने स्थानीय सप्लायर्स के लिए उपलब्ध अवसरों, वेंडर के रूप में जुड़ने की प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, मूल्यांकन प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक मानकों के बारे में जानकारी साझा की। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों जगदीप भल्ला, आदित्य ठाकुर और डा. हिमेश शर्मा ने भाग लिया। उन्होंने स्थानीय उद्योगों से बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपने उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादकता और तकनीकी क्षमता में सुधार करने का आह्वान किया।
लघु उद्योग संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक कुमार राणा ने कहा कि स्थानीय उद्योगों के लिए बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन से जुड़ना महत्वपूर्ण अवसर है। इसके लिए उद्यमियों को गुणवत्ता के साथ-साथ अपनी ऑनलाइन उपस्थिति, डिजिटल मार्केटिंग और आधुनिक तकनीक पर भी ध्यान देना होगा।गत्ता उद्योग संघ के संरक्षक मुकेश जैन, जो संगठन सचिव बीबीएनआईए भी हैं, ने पैकेजिंग उद्योग से जुड़े उद्यमियों की संभावनाओं और स्थानीय स्तर पर आ रही चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि बदलते औद्योगिक वातावरण में समय के साथ तकनीक और उत्पादन प्रक्रियाओं को अपग्रेड करना आवश्यक है। कार्यक्रम में पैकेजिंग उद्योग से जुड़े विभिन्न सप्लायर्स और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने उद्यमियों को उत्पाद की गुणवत्ता, उत्पादकता बढ़ाने, ऑनलाइन माध्यमों से कारोबार को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर मौजूद व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्थानीय उद्योग अपने उत्पादों को बड़े खरीदारों तक पहुंचाने के लिए आधुनिक विपणन माध्यमों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बेहतर गुणवत्ता मानकों को अपनाएं, ताकि वे बड़े औद्योगिक समूहों की सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकें।