नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर टैक्स में बड़ी कटौती की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय के नए फैसले के बाद पेट्रोल के निर्यात पर लेवी 1.50 रुपये से घटाकर 50 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर लेवी 25 रुपये से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर की गई है। डीज़ल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹5 कम कर दी गई है। नतीजतन, डीज़ल पर विंडफॉल टैक्स ₹25 से घटकर ₹20 प्रति लीटर हो गया है। जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर टैक्स ₹19 से घटाकर ₹15 प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर टैक्स ₹1.5 से घटाकर ₹0.5 प्रति लीटर कर दिया गया है।
इस लेवी को स्पेशल एडिशनल एक्साइज़ ड्यूटी के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कटौती की खबर सुनते ही पहला सवाल यही कौंधता है कि इसका फायदा क्या आम आदमी को होगा? सीधी बात यह है कि पेट्रोल और डीजल पर विंडफॉल टैक्स में कटौती से फिलहाल आपकी और हमारी जेब को कोई राहत नहीं मिलने वाली है। इसका फायदा देश की तेल रिफाइनरी और निर्यातक कंपनियों की झोली में जाएगा। बता दें कि 27 मार्च को पेट्रोल- डीजल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क लगाया था, जिसे आज 17 सितंबर को कम किया गया है।
विंडफॉल टैक्स किसपर कितना कम हुआ है और क्या इससे पेट्रोल और डीजल पर असर पड़ने वाला है, इसके बारे में आप यहां से डिटेल में जान सकते हैं। विंडफॉल टैक्स में हुई कटौती को देखें तो डीजल निर्यात पर लेवी को 25 रुपए से घटाकर 20 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, पेट्रोल पर निर्यात पर जो शुल्क 1.5 रुपए था, उसे घटाकर मात्र 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है। इतना ही नहीं, एटीएफ पर भी राहत मिली है। एटीएफ पर 19 रुपए से घटाकर 15 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। इस कटौती का सीधा- सीधा फायदा उन कंपनियों को मिलेगा जो रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों को विदेशी बाजारों में बेचती हैं।