6 साल पहले मोहल्ला बाग बाहरियां में पेश आया था मामला, एडिशनल सेशन जज डॉ. दीप्ति गुप्ता की कोर्ट ने सुनाई सजा
जालंधरः एडिशनल सेशन जज डॉ. दीप्ति गुप्ता की कोर्ट ने करीब 6 साल पहले मोहल्ला बाग बाहरियां में पिता की हत्या करने और छोटे भाई पर जानलेवा हमला करने वाले बड़े बेटे जतिन नागपाल उर्फ शेरू को उम्रकैद की सजा और दोषी पर कुल 60,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
चश्मदीद छोटे भाई अभय ने गवाही दी कि उसके सामने ही बड़े भाई ने पापा को बेहरमी से चाकू मारे थे। मैं बचाने आया तो मुझे जख्मी कर दिया। केस की दूसरी अहम गवाह मां वीना रानी ने कोर्ट में अपने बड़े बेटे के खिलाफ गवाही दी। उन्होंने बताया कि उनकी आंखों के सामने पति की लाश और छोटा बेटा लहूलुहान पड़ा था, जबकि बड़े बेटे के हाथ खून से सने थे। यह देख कर वह बुरी तरह चिल्लाई थीं।
सजा सुनाते कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि दोषी का अपराध अत्यंत गंभीर और विचलित करने वाला है। उसने किसी और की नहीं बल्कि अपने जन्मदाता (पिता) की जान ली है। एक माता-पिता और बच्चे के बीच का रिश्ता सबसे पवित्र होता है, लेकिन दोषी ने उस रिश्ते की गरिमा को तार-तार कर दिया।
बता दे कि मोहल्ला बाग बाहरियां में 4 अक्टूबर, 2020 को एटीएम केटर्स के मालिक अश्वनी नागपाल और उनके छोटे बेटे अभय नागपाल उर्फ मार्शल पर बड़े बेटे जतिन नागपाल उर्फ शेरू ने चाकू से हमला किया था, जिसमें अश्वनी की मौत हो गई थी।
अभय ने पुलिस को बताया था कि जब वह अपनी पत्नी और दोस्तों के साथ चिंतपूर्णी मंदिर से लौटा तो जतिन अपने पिता के साथ झगड़ रहा था। पिता उसे समझा रहे थे कि अभी तुम नशे में हो सुबह बात करेंगे, लेकिन वह नहीं माना। जब अभय ने बड़े भाई को समझाना चाहा तो उसने किरच निकाल ली और देखते ही देखते पिता और उस (अभय) पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
अभय के मुताबिक एक होटल का बयाना (डील) होना था, जिसकी वजह से घर में बड़ी रकम रखी थी। बड़ा भाई नशे में था और नशे के लिए उसी रकम को उठा कर ले जाना चाहता था। पैसे ले जाने से रोकने पर ही उसने इस खूनी खेल को अंजाम दिया। इस मामले में थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस ने मां वीना रानी की शिकायत पर कत्ल और इरादा-ए-कत्ल का केस दर्ज किया था।