नई दिल्ली: भारत में चीनी की खुदरा कीमतों में करीब 5% की गिरावट आई है और आने वाले दिनों में इनमें और नरमी आने की उम्मीद है। यह गिरावट मिल स्तर (एक्स-मिल) पर चीनी की कीमतों में करीब 20% की कमी के बाद देखने को मिली है। दरअसल, 18 अगस्त के दौरान मिलों में चीनी अबतक के सबसे ऊंचे दाम पर पहुंची थी, जिसका असर खुदरा बाजारों में रक्षाबंधन के आसपास देखने को मिला। देश के कई स्थानीय बाजारों में इसकी कीमत ₹70 प्रति किलो को भी पार कर गई थी। हालांकि मिलों के बाद अब खुदरा कीमतों में भी कमी आने लगी है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने यह जानकारी दी। डीएफपीडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि, एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। विभाग को उम्मीद है कि, एक्स-मिल दरों में गिरावट का रुझान जारी रहने पर खुदरा कीमतों में भी आगे और कमी आएगी। सरकार ने कहा कि, वह घरेलू चीनी बाजार पर करीबी नजर रख रही है और पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति तथा कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
विभाग ने कहा, सरकार सभी हितधारकों को आश्वस्त करती है कि घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति और कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। साथ ही, सरकार ने स्पष्ट किया कि वास्तविक व्यापार और वितरण गतिविधियां सुचारू रूप से जारी रहेंगी। यह बयान अगस्त में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद सरकार द्वारा बाजार में बढ़ाए गए हस्तक्षेप के बीच आया है। अधिकारियों ने जमाखोरी और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चीनी के स्टॉक, बिक्री और बाजार कीमतों की निगरानी बढ़ा दी है। एक्स-मिल कीमतों में गिरावट से थोक और खुदरा बाजारों पर कीमतों का दबाव कम होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि देशभर में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।