लुधियाना: छपार मेले के दौरान इस बार दो अलग-अलग राजनीतिक कॉन्फ्रेंस देखने को मिलीं। एक तरफ अकाली दल वारिस पंजाब के नेता और दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल (बादल) की लीडरशिप मौजूद रही। छपार मेले में बड़ी संख्या में लोग पंजाब के विभिन्न हिस्सों के अलावा दूसरे राज्यों से भी पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ यहां हर साल राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलती हैं।
इस बार दोनों अकाली दलों की मौजूदगी के चलते राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में रहीं। अकाली दल वारिस पंजाब की ओर से अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब से जुड़े लोग गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में यहां पहुंचे हैं और उनके अनुसार लोगों में इस संगठन को लेकर समर्थन बढ़ रहा है। इस दौरान उन्होंने सांसद भाई अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग की, जो अभी असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि भाई अमृतपाल सिंह विधानसभा की दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे। गठबंधन के बारे में पार्टी नेताओं ने कहा कि समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ बातचीत चल रही है। पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी करेगी।
लुधियाना के दाखा विधानसभा क्षेत्र के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि मनप्रीत अयाली इस इलाके से 3 बार विधायक रह चुके हैं और उनको यहां काफी समर्थन हासिल है। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि उन्हें पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात पर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल साथ भी आ जाएं, तब भी पंजाब के लोग उन पर भरोसा नहीं करेंगे। छपार मेले में दोनों अकाली दलों की राजनीतिक गतिविधियों के बीच पंजाब की राजनीति और नशे के मुद्दे को लेकर नेताओं के बयानों ने माहौल को राजनीतिक रूप से चर्चा में ला दिया।