अमृतसरः दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आज अमृतसर में भी छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए छात्रों ने एक-दूसरे का मुंह लड्डू खिलाकर मीठा कराया। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह संघर्ष यहीं खत्म नहीं होता और जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान छात्र सुनील कुमार ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने पेपर लीक करने वालों के खिलाफ पहले ही कड़े कानून बनाए होते और सख्त कार्रवाई की होती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है।
पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सिर्फ सरकार बदलना काफी नहीं है, बल्कि ऐसा कड़ा कानून बनाने की जरूरत है जिससे दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिले। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की जान गई है या जिनका भविष्य बर्बाद हुआ है, उन्हें न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। इस मौके पर छात्रा राबिया अरोड़ा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से खुशी तो है, लेकिन इसे आंदोलन का अंतिम पड़ाव नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से दिल्ली, मुंबई, पुणे समेत देश भर के शहरों में युवा लगातार संघर्ष कर रहे हैं, जिसका नतीजा यह है।
राबिया ने कहा कि पेपर लीक की समस्या किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था की खामी है। जब तक इस व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त नहीं बनाया जाता, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पेपर लीक को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते और छात्रों की सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं। बाइट: सुनील कुमार, प्रदर्शनकारी छात्र

