RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान के कुछ घंटों बाद बैकफुट पर आई सरकार
नई दिल्लीः केंद्रिय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद सरकार बैकफुट पर आई है। दरअसल, मोहन भागवत ने कहा था कि आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है। हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए। संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है। ऐसे में भागवत का बयान आने के 4 घंटे बाद ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। वहीं इस्तीफे को लेकर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है।
अभिजीत ने कहाकि वह पीएम नरेंद्र मोदी से कहना चाहते है, सुबह हो गई मामू… सुबह हो गई, डेमोक्रेसी की सुबह हो गई और देश की जनता जाग गई है। अभिजीत ने कहाकि यह पहल विकेट है। ऐसे में वह यहां नहीं रूकेंगे, अभी तो शुरुआत हुई है। इसी के साथ अभिजीत ने सभी युवाओं का शुक्रिया अदा किया जो 36 दिनों से यहां पर बैठे हुए है। पुलिस ने पानी बंद कर दिया, खाना बंद कर दिया, लेकिन युवाओं की हिम्मत टूटी नहीं, वह डटकर शांतिमय ढंग से प्रदर्शन करते रहे। इसी के साथ अभिजीत ने देश भर के लोगों से अपील की है कि आज शाम 6 बजे सभी राज्यों में शहीद हुए स्टूडेंट्स के लिए कैंडल मार्च निकाला जाए, जिनकी हत्या के जिम्मेदार केंद्रिय शिक्षा मंत्री है। वहीं अन्य वीडियो में कहाकि धरना जारी रहेगा, क्योंकि अभी 2 मांगे बाकी है।
दरअसल, केंद्रिय मंत्री जेपी नड्डा के साथ बीते दिन हुई मीटिंग में छात्रों ने 3 मांगे और 5 सुझाव रखे थे। ऐसे में अभी केंद्र सरकार द्वारा एक मांग मानी गई है। अभिजीत ने कहाकि धरने से हम ऐसे नहीं वापिस जाएंगे हम कॉकरोच है, एक घूसता तो निकलता नहीं है। उन्होंने कहाकि जिन बच्चों ने सुसाइड की है, उनके परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाने की मांग बाकी है। वहीं दूसरी मांग पुलिस वालों ने 20 तारीख को जो लाठीचार्ज किया था, ऐसे में उक्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना बाकी है। जिसमें से डीसीपी संदीप लांबा, एसीपी अजय शर्मा, सचिन शर्मा सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना बाकी है।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस अधिकारी याद रखें कि उन्होंने कॉकरोच से पंगा लिया है। हमने तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या चीज हो। छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। भैया, ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे- क्या कर रहे हो, कब तक बैठोगे, ये इस्तीफा नहीं देंगे। ये मनमानी सरकार है, लेकिन हमने कर दिखाया। बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के कुछ घंटों के बाद इस्तीफा दिया गया।
दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार सुबह दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता।’ बता दें कि नीट पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। प्रधान ने इस्तीफे को लेकर चिट्ठी पोस्ट की।

