होशियारपुरः पंजाब की राजनीति में एक बार फिर अकाली दल और बीजेपी के संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, मुकेरियां से एक राजनीतिक तस्वीर के सामने आई, जहां दोनों पार्टियों के संभावित निकट संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। मुकेरियां में निगम चुनावों के दौरान उस वक्त राजनीतिक माहौल गरम हो गया जब जंगी लाल महाजान खुले तौर पर शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार के प्रचार में नजर आए। बीजेपी विधायक ने न केवल अकाली उम्मीदवार के हक में लोगों से समर्थन मांगा, बल्कि तकड़ी के निशान पर मोहर लगाने की भी अपील की।
इस दौरान जब उनसे अकाली दल और बीजेपी के संभावित गठबंधन के बारे में पूछा गया तो जंगी लाल महाजान ने कहा कि निगम चुनावों के लिए दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब विधानसभा चुनावों में गठबंधन होगा या नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। क्योंकि बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में वह अकेले दम पर मैदान में उतरेगी और शिरोमणि अकाली दल के साथ कोई आधिकारिक गठबंधन नहीं किया जाएगा।
इसके बावजूद मुकेरियां में बीजेपी विधायक द्वारा किए जा रहे प्रचार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे स्थानीय स्तर की रणनीति मान रहे हैं, जबकि विपक्षी पक्ष इसे दोनों पार्टियों की “आंतरिक सांझ” के रूप में पेश कर रहे हैं। पंजाब की राजनीति में अकाली दल और बीजेपी का रिश्ता कोई नई बात नहीं है। दोनों पार्टियां लंबे समय से साथ रही हैं, लेकिन किसान आंदोलन के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए थे। अब फिर कुछ जगहों पर दिखाई दे रही निकटता ने राजनीतिक हलकों में कयासबाजी को जन्म दे दिया है। फिलहाल मुकेरियां की यह तस्वीर सिर्फ स्थानीय निगम चुनावों तक सीमित है या भविष्य की बड़ी राजनीतिक रणनीति का संकेत है, इस बारे में आने वाला वक्त ही स्पष्ट करेगा। लेकिन एक बात पक्की है कि जंगी लाल महाजान के बयान ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।
