फिरोजपुरः आरटीओ ऑफिस में लोगों की परेशानी का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। लोग पिछले दो साल से आरटीओ ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि अधिकारी और क्लर्क ऑफिस में नहीं बैठते और वे भूखे-प्यासे होकर दिन भर इंतजार करते रहते हैं। कुछ लोग अपना काम करवाने के लिए 100 किलोमीटर और कुछ 50 किलोमीटर दूर से ऑफिस आते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
74 साल के बुजुर्ग दरबार सिंह ने बताया कि वे एक साल से इस ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है। 75 वर्षीय हरभजन सिंह ने कहा कि वे पिछले 3 महीनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं है। जीवन सिंह का कहना है कि उन्होंने घोड़ा-गाड़ी ली थी, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी काम नहीं हो रहा है, गाड़ी की किश्तें ड्यू हो रही हैं और कर्ज बढ़ रहा है। फिरोजपुर ऑफिस के आरटीओ विश्वजीत सिंह की बात करें तो वे मेडिकल लीव पर हैं और एटीओ राकेश बंसल मीटिंग्स में व्यस्त हैं।

