अमृतसरः पेपर आर्टिस्ट डॉ. जगजोत सिंह रुबल ने नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS 2026 शिखर सम्मेलन से पहले एक अनोखी पेंटिंग बनाई है। इस खास कलाकृति के जरिए, उन्होंने भाग लेने वाले देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों को एक ही फ्रेम में लाकर ‘ग्लोबल लीडरशिप’ और एकता का संदेश देने की कोशिश की है। जगजोत रुबल ने बताया कि उन्होंने एक अनोखी कलाकृति बनाई है, जिसमें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों भी शामिल है। इस पेंटिंग का मकसद यह संदेश देना है कि अलग-अलग देशों के नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच पर आ सकते है। उन्होंने कहा कि BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना भारत के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने जोर दिया कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा सिर्फ आर्थिक और व्यापारिक समझौतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि दुनिया भर में चल रहे युद्धों और संघर्षों को खत्म करने और शांति स्थापित करने को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। रुबल ने बताया कि उन्हें इस खास पेंटिंग को पूरा करने में लगभग 18 दिन लगे। कलाकृति का आकार लगभग 5 फीट है और इसे एक खास पेपर आर्ट तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इस कलाकृति का मकसद विभिन्न देशों के नेताओं को एक ही फ्रेम में दिखाकर ‘ग्लोबल लीडरशिप’ और एकता का संदेश देना है।
उन्होंने कहा कि BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के तौर पर हुई थी। तब से इस संगठन का विस्तार हुआ है और ईरान, मिस्र और इंडोनेशिया जैसे कई अन्य देश इसमें शामिल हुए हैं। अलग-अलग देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की भागीदारी इस शिखर सम्मेलन को बहुत महत्वपूर्ण बनाती है।
जगजोत रुबल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य प्रमुख हस्तियों को यह पेंटिंग भेंट करने की इच्छा ज़ाहिर की। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के लिए एक पेंटिंग बनाई थी, जिसकी काफी तारीफ हुई और उन्हें इसके लिए प्रशंसा-पत्र भी मिला। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड की कई मशहूर हस्तियों को भी अपनी कलाकृतियां भेंट की है। अपनी कला को समर्थन देने के लिए परिवार, मीडिया और कला प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए, कलाकार ने एक कलाकार की मेहनत और हुनर को दुनिया के सामने लाने में मीडिया की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उनका मकसद है कि पेपर आर्ट के जरिए भारतीय कला और कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान मिले।