लुधियानाः गोल्डन कॉलोनी में सरेराह में कार ढंग से चलाओ कहने से व्यक्ति भड़क गया और उसने 14 वर्षीय नागालिग लड़की को सरेआम पीटना शुरू कर दिया। व्यक्ति ने लड़की को 37 सेकेंड में 13 थप्पड़ मारे। इस दौरान उसके 2 बार बाल भी खींचे। लड़की को सरेआम गली में पीटने के 2 सीसीटीवी फुटेज सामने आई है।
वहीं अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है, जिसमें दो पक्ष सामने आए है। बताया जा रहा है कि कुछ लड़कियां एक 14 साल की लड़की को बिहार ले जा रही थी। वीडियो में एक आदमी और एक लड़की के बीच बहस होती दिख रही है, हालांकि, फुटेज को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अपनी बात रखते सरबजीत सिंह ने कहा कि वह लड़की को किसी गलत इरादे से नहीं रोक रहे थे; बल्कि उन्हें जानकारी मिली थी कि उसे बिहार ले जाया जा रहा है। उनके अनुसार इसी जानकारी के आधार पर वह मौके पर पहुंचे।
सरबजीत सिंह ने बताया कि वह बूथगढ़ गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के बाद अपने परिवार के साथ घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें एक महिला का कॉल आया जो उनके घर पर काम करती है। उसने बताया कि कुछ लड़कियां एक 14 साल की लड़की को ले जा रही थीं और ऐसी जानकारी मिली थी कि उसे बिहार ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि ये जानकारी मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे। सरबजीत सिंह के अनुसार जब वह वहां पहुंचे तो उन्होंने लड़की को कुछ अन्य लड़कियों के साथ देखा और उसे रोकने की कोशिश की।
सरबजीत सिंह के अनुसार उन्हें देखते ही लड़की वहां से चली गई। जिसके बाद उन्होंने उन लड़कियों को रोका और उनसे पूछताछ की जो उसके साथ थीं। पता चला कि लड़कियों के पास टिकट थे। उन्होंने माना कि बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ गई और गुस्से में आकर उन्होंने लड़कियों को थप्पड़ मार दिया।
सरबजीत सिंह का आरोप है कि घटना का पूरा CCTV फुटेज दिखाने के बजाय, सोशल मीडिया पर सिर्फ एक खास हिस्सा ही फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीडियो से पहले हुई घटनाएं और मौके पर पहुंचने की वजह भी जांच का हिस्सा होनी चाहिए। पूरे CCTV फुटेज और घटना में शामिल लोगों के बयानों की जांच के बाद ही मामले की असल तस्वीर सामने आएगी।
इस बीच बच्ची की मां ने दावा किया कि पिछले दो से ढाई महीनों से कुछ लड़कियां उसकी बेटी को अपने साथ ले जा रही थीं। मां के अनुसार परिवार को इस बात की चिंता थी कि बच्ची को उनके साथ जाने से कैसे रोका जाए। आशंका जताई कि बच्ची उन लड़कियों के प्रभाव में हो सकती है। हालाँकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
बच्ची ने बताया कि उसकी दो सहेलियां उसे अपने भाई के साथ बिहार ले जाने की बात कर रही थीं। बच्ची के इसी बयान के आधार पर सरबजीत सिंह द्वारा उसे रोकने की कोशिश की जानकारी सामने आई है। सरबजीत सिंह का कहना है कि उनका मकसद लड़की को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि उसे बाहर ले जाने के मामले को स्पष्ट करना था।
सरबजीत सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन ही वे पड़ोस के कुछ लोगों के साथ टिब्बा पुलिस स्टेशन गए थे। उनके अनुसार दोनों पक्षों की मौजूदगी में मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक समझौता हुआ। उनका दावा है कि उस समय दूसरे पक्ष ने लिखित माफीनामा भी दिया था। सरबजीत सिंह ने कहा कि वे अगले दिन सुबह पुलिस कमिश्नर के पास जाकर मामले की निष्पक्ष जांच की औपचारिक मांग करेंगे। उन्होंने मांग की कि पूरी सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के अलावा, लड़की, उसकी मां, घटना स्थल पर मौजूद लड़कियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं। सरबजीत सिंह ने पुलिस और प्रशासन से आग्रह किया है कि वे इस मामले से जुड़े लोगों की गहन जांच-पड़ताल करें। लड़की को बिहार ले जाने के दावों, यात्रा से जुड़े तथ्यों और घटना स्थल पर मौजूद लोगों की भूमिकाओं की जांच होनी चाहिए।