लुधियानाः ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) में चल रही रेड के बाद ईडी की टीम ने साहनेवाल हलके में घर पर दबिश दी। मिली जानकारी के अनुसार टीम ने कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे प्रिंस के घर पर दबिश दी। इस दौरान टीम द्वारा प्रिंस के घर की तलाशी ली जा रही है। वहीं चंडीगढ़ में गमाडा के पूर्व चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव गुप्ता के घर भी ईडी की टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर मंगलवार सुबह शुरू हुई ईडी की कार्रवाई में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना के 26 ठिकानों पर सर्च किया जा रहा है। इस दौरान मोहाली के फेज-8 स्थित पुडा भवन में ईडी की टीमें रातभर रिकॉर्ड खंगालती रहीं। गमाडा मुख्यालय के कुछ हिस्से जांच एजेंसी ने सील भी कर दिए। जांच तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों को गमाडा की दो प्रमुख नीलामी साइटों में कथित वित्तीय राहत से जुड़े मामले पर केंद्रित है।
ईडी के अनुसार, इससे कंपनियों को 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का संदिग्ध फायदा और सरकारी खजाने को नुकसान होने की आशंका है। वहीं कार्रवाई को लेकर आप पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए पंजाब सरकार के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और गमाडा के कामकाज में रुकावट डालने की कोशिश हो रही है। पार्टी ने कहा कि मावां-धीयां सत्कार योजना समेत सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और मोहाली के विकास कार्य जारी रहेंगे।
वहीं ईडी जांच में तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़ी टीला कंसल्टेंट्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी सामने आया है। यह फर्म गमाडा के विभिन्न कंसल्टेंसी कार्यों से जुड़ी रही है। ईडी को कथित तौर पर संदेह है कि इस फर्म ने पूरे मामले में बिचोलिए की भूमिका निभाई है। उसके परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। फिलहाल एजेंसी की ओर से इस कार्रवाई में किसी गिरफ्तारी या अंतिम निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित वित्तीय राहत किस प्रक्रिया के तहत दी गई और इसमें किन अधिकारियों या निजी कंपनियों की भूमिका रही।