लुधियानाः जिले के कोर्ट कॉम्प्लेक्स क्वार्टर से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। जहां 16 साल की नाबालिग लड़की ने शनिवार सुबह करीब 10 बजे बाथरूम में एक बच्चे को जन्म दिया। घटना के बाद नाबालिग को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जबकि नवजात को कुछ समय तक मौके पर ही छोड़ दिया गया। बाद में अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
बाथरूम से आई चीखने की आवाज
पड़ोस में रहने वाले संदीप कुमार ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे नाबालिग लड़की बाथरूम गई थी। कुछ देर बाद अंदर से चीखने और चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाज सुनकर जब वह मौके पर पहुंचे और टॉर्च से देखा तो लड़की की डिलीवरी हो चुकी थी और बच्चा बाहर आ चुका था। संदीप ने तुरंत 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस को बुलाया। कुछ देर बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और नाबालिग लड़की को लुधियाना के सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में ले गई।
नवजात को मौके पर छोड़ने का आरोप
संदीप का आरोप है कि एंबुलेंस टीम नाबालिग लड़की को अस्पताल ले गई, लेकिन नवजात बच्चे को अपने साथ नहीं ले गई। बच्चे को कमरे के अंदर एक टेबल पर कपड़े में लपेटकर छोड़ दिया गया।
संदीप के मुताबिक, बाद में अस्पताल के स्टाफ ने बच्चे को अस्पताल लाने के लिए कहा। इसके बाद दोपहर करीब पौने 3 बजे नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि जब मौके पर एंबुलेंस मौजूद थी तो नवजात को तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया।
खर्चे के डर से लड़का छोड़कर भागा
संदीप ने बताया कि नाबालिग लड़की मूल रूप से प्रवासी परिवार से है। वह रूपनगर के रहने वाले एक युवक के साथ रह रही थी। आरोप है कि युवक को जब लड़की के गर्भवती होने की जानकारी मिली तो वह इलाज और डिलीवरी के खर्चे के डर से उसे अकेला छोड़कर फरार हो गया।
पिता को 10-12 दिन पहले पता चला था गर्भावस्था का
अस्पताल पहुंचे नाबालिग के पिता राम लखन ने बताया कि वह मूल रूप से हरदोई, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की उम्र सिर्फ 16 साल है। पिता के मुताबिक, उनकी बेटी करीब डेढ़ साल पहले रूपनगर के रहने वाले एक दिहाड़ी मजदूर युवक के साथ घर से अलग रहने लगी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें बेटी के गर्भवती होने की जानकारी करीब 10-12 दिन पहले ही मिली थी।
पिता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की
राम लखन ने बताया कि वह खुद दिव्यांग हैं और दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी की बाथरूम में डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत हो गई। पिता ने पुलिस से मांग की है कि उनकी नाबालिग बेटी को इस हालत में पहुंचाने वाले युवक के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाए और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल आरोपी युवक फरार बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नवजात की मौत और एंबुलेंस द्वारा बच्चे को मौके पर छोड़ने के लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।