अमृतसरः विधानसभा चुनावों से पहले अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े कार्यकर्ता जसवंत सिंह नारायणपुरा के समर्थन में चटीविंड गांव में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों और समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई।
जसवंत सिंह नारायणपुरा अटारी निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवारी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। बैठक में आम आदमी पार्टी के नेता और गुरवाली गांव पंचायत के सदस्य इंदरजीत सिंह पंडोरी ने कहा कि चटीविंड में आयोजित बैठक को जनता से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने लोगों द्वारा दिखाए प्यार और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंदरजीत सिंह पंडोरी ने अटारी निर्वाचन क्षेत्र में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि चटीविंड सहित पूरे निर्वाचन क्षेत्र में नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक बड़ी समस्या बन गया है और कहा कि गांव के लगभग 200 युवा नशे की लत का शिकार हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार नशा विरोधी अभियान चला रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। इस बीच जसवंत सिंह नारायणपुरा ने कहा कि बैठक को भारी प्रतिक्रिया मिली, और कई लोग शाम तक उनका इंतजार करते रहे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सेवा करने का मौका मिला, तो वे निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए काम करेंगे। उनके अनुसार नशीली दवाओं का दुरुपयोग इस क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में से एक है।
जसवंत सिंह नारायणपुरा ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं, और अगर स्थानीय स्तर पर कोई कमी है, तो इसके लिए स्थानीय विधायक और उनके सहयोगी जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोगों ने खुद उनसे आगे आकर सेवा करने के लिए कहा था।
इस मौके पर गुरवाली गांव की सुखपाल कौर खालसा ने भी जसवंत सिंह नारायणपुरा को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि जनता मौजूदा विधायक के कामकाज से खुश नहीं है। उन्होंने गुरवाली में सड़कों, नालियों, पानी की निकासी व्यवस्था और गांव की बाहरी सड़क (फिरनी) की खराब हालत के मुद्दे उठाए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार से मिले फंड का इस्तेमाल जन-कल्याण और विकास कार्यों में होना चाहिए।
नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए सुखपाल कौर खालसा ने कहा कि इससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना सोचे-समझे कोई कदम उठाने के बजाय, सोच-समझकर और समझदारी से वोट देने का फैसला करें।
