नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर से आगजनी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी से निकाले जाने से नाराज एक कर्मचारी ने गैराज में खड़ी करीब 22 बाइक्स में आग लगा दी। आग लगने से कई गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा है। यह घटना नागपुर के सान्याल नगर इलाके में स्थित देवेश होंडा गैराज की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, रात के समय गैराज में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने वहां खड़ी कई बाइक्स को अपनी चपेट में ले लिया।
बताया जा रहा है कि इस घटना के पीछे गैराज के एक पूर्व कर्मचारी का हाथ है। आरोप है कि नौकरी से निकाले जाने के बाद वह नाराज था और इसी गुस्से में उसने गैराज में आग लगा दी।
CCTV कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
इस मामले में सामने आए CCTV फुटेज से घटना की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिला है। फुटेज में कथित आरोपी गैराज के अंदर आग लगाते हुए दिखाई दे रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही कपिल नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग लगाने की सही वजह क्या थी और घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।
कई बाइक्स जलकर हुईं खाक
आग लगने के बाद गैराज का जो वीडियो सामने आया है, उसमें कई जली हुई बाइक्स दिखाई दे रही हैं। कुछ वाहन पूरी तरह जल चुके हैं, जबकि कुछ बाइक्स को आंशिक नुकसान हुआ है। इस आगजनी की वजह से गैराज मालिक को काफी आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आई है। हालांकि, कुल नुकसान कितना हुआ है, इसका सही आंकड़ा पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
कपिल नगर पुलिस ने घटना को लेकर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आगजनी की पूरी घटना किस तरह हुई और इसमें कितना नुकसान हुआ।
छत्रपति संभाजीनगर में भी सामने आई थी आग की बड़ी घटना
महाराष्ट्र में हाल ही में आग लगने की एक और गंभीर घटना सामने आई थी। छत्रपति संभाजीनगर के एक अस्पताल के NICU यानी नवजात बच्चों के वार्ड में अचानक आग लग गई थी।
आग लगने के समय NICU में 9 नवजात बच्चे भर्ती थे। आग की जानकारी मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, अस्पताल के कर्मचारियों और दमकल विभाग की तत्परता से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
समय रहते 9 नवजात बच्चों को बचाया गया
आग लगने के बाद अस्पताल में मौजूद 9 नवजात बच्चों को तुरंत बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में सुरक्षित भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, बच्चों को घाटी अस्पताल, MGM अस्पताल और संजीवनी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। समय पर बच्चों को NICU से बाहर निकालने की वजह से बड़ा हादसा टल गया।
दमकल की 5 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने करीब 10 से 15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।शुरुआती जानकारी में आग लगने की वजह AC में शॉर्ट सर्किट बताई गई थी। हालांकि, आग की वास्तविक वजह की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकती है।
दोनों घटनाओं में समय पर कार्रवाई महत्वपूर्ण रही। नागपुर में पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आगजनी की जांच कर रही है, जबकि छत्रपति संभाजीनगर में समय रहते आग बुझाने और नवजात बच्चों को सुरक्षित निकालने से बड़ा नुकसान होने से बच गया।
