पठानकोटः पंजाब में आज हुई पहली बरसात ने ही कई जगहों पर पिछले साल आई बाढ़ की याद दिला दी। दरअसल, जिन लोगों ने पिछले साल आई बाढ़ की मार झेली है, वो लोग फिर से दहशत में आ गए है। पठानकोट के साथ लगते भारत पाक सीमा से सटे बामियाल सेक्टर में एक बार फिर से लोगों को पहली बरसात ने ही डरा दिया है। क्योंकि भारत-पाक सीमा से सटे बामियाल सेक्टर में पड़ते जलालीया दरिया ने बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। जलालीया दरिया के साथ लगते बामियाल गांव के खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। किसानों की फसले एक बार फिर खराब होने की कगार पर है।
यही नहीं पहली बरसात ने ही प्रशासन के विकास कार्यों की भी पोल खोल दी है। क्योंकि भारत पाक सीमा को जाने वाली सड़क जिसकी पुली पिछले साल पानी के तेज बहाव में बह गई थी। वह साल बीतने के बाद अभी तक मुकम्मल नहीं हुई। जिस कारण भारत पाक सीमा को जाने वाला पठानकोट बामियाल मार्ग भी ज्यादा पानी आने के कारण बंद कर दिया गया है। लोगों को जहां आने-जाने में दिक्कत हो रही है। प्रशासन के विकास कार्यों की भी पोल खुल रही है ओर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
जब स्थानीय लोगों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पहली बरसात के साथ ही बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जलालिया दरिया पूरे उफान पर है और दरिया के साथ लगते बमियाल सेक्टर के जितने भी गांव के खेत है। वह इसकी चपेट में आगे हैं और फसलें खराब होने की भी आशंका है। यही नहीं स्थानीय लोगों ने पंजाब सरकार के खिलाफ भी रोश जताया हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार विकास कार्यों के दावे तो कर रही है, लेकिन अभी तक बामियाल को जाने वाली पुली जो पिछले साल जलालिया दरिया में ज्यादा पानी आने के कारण बह गई थी नहीं बनाई गई। जिस कारण रास्ते को भी बंद कर दिया गया है।
