पशुशालाएं हुई क्षतिग्रस्त, नेशनल हाईवे रहा बाधित
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी के स्पैड़ा और गढ़गून गांवों में भारी बारिश के बाद अचानक फ्लैश फ्लड आया। कई इलाकों में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बन गए। इससे लोक निर्माण विभाग की लापरवाही भी खुलकर सामने आ गई है। 32 मील स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर नाली निर्माण न होने के कारण पूरा चौक खड्ड में तब्दील हो गया। क्षेत्र की बराहल, बाड़ा, देहर और भेड़ खड्डों सहित स्थानीय नाले उफान पर आने से आवागमन ठप हो गया। प्राकृतिक शिव मंदिर त्रिलोकपुर के साथ बहती तोतकी खड्ड का पानी मंदिर परिसर में घुस गया। इससे वहां कई फीट कीचड़ जमा हो गया।
वहीं शाहपुर की बोह घाटी के स्पैड़ा और गढ़गून गांव में बादल फटने से आई बाढ़ में 18 मकान और एक स्कूल भवन बह गया। अचानक आई बाढ़ व मलबे से कई लोग बचने में कामयाब रहे, लेकिन एक महिला और दो बच्चे इसकी चपेट में आ गए। बच्चों को तो कुछ देर में ही निकाल लिया गया, लेकिन महिला दो घंटे तक मलबे में फंसी रही। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद महिला को बाहर निकाला जा सका। वहीं दूसरी ओर, भारी बारिश के चलते पेड़ गिरने से पठानकोट-मनाली नेशनल हाईवे भी कई घंटों तक बाधित रहा, यहां कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात को बहाल किया गया। प्रशासन की टीम ने सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्र का रुख कर लिया। गढ़गून में 12 घर और स्पैड़ा में 6 मकान व पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। पशुशालाओं में मवेशी भी दब गए। बताया जा रहा है लोगों ने भागकर जान बचाई। पहाड़ी पर धमाका होने के बाद अचानक बाढ़ और मलबा आ गया, जो मकानों व पशुशालाओं को अपने साथ बहाकर ले गया।
फ्लैश फ्लड में मकानों के बहने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्यों के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम को तत्काल रवाना किया गया, ताकि लोगों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। एसडीएम शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर स्वयं प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुए, लेकिन डिब्बा और मानेड़ नाला क्षेत्र में भारी लैंडस्लाइड के कारण सड़क बंद होने से राहत दलों को मौके तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन सड़क बहाल करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
