फिरोजपुरः अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत तूत का निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार गुर्दे की बीमारी से गुरजीत पीड़ित चल रहे थे। गुरजीत के निधन की खबर आते ही कबड्डी जगत में शोक की लहर छा गई। दरअसल, गुरजीत सिंह पिछले 3 दशकों से कबड्डी का सितारा रह चुके है। गुरजीत सिंह तूत के निधन से जहां कबड्डी जगत को बड़ा नुकसान हुआ है। गुरजीत के निधन से नए उभरते हुए खिलाड़ियों पर भी इसका गहरा असर देखने को मिलेगा, क्योंकि वे कबड्डी में आने वाले युवाओं को पूरी ट्रेनिंग देकर तैयार कर रहे थे और कबड्डी के क्षेत्र में उन्हें उतार रहे थे।
गांव वालों और अन्य हस्तियों का कहना है कि गुरजीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े-बड़े खिताब अपने नाम किए थे और जब वह रेड डालने के लिए मैदान में उतरते थे तो सामने विरोधियों के पसीने छूट जाते थे, उन्हें रोकना नामुमकिन होता था। लोग विशेष रूप से उनकी रेड देखने जाते थे। जब गुरजीत मैदान से बाहर आते थे तो लोग भी निकल जाते थे, मैदान खाली हो जाता था। इतने लोग उन्हें प्यार करते थे और उनकी खेल देखने जाते थे। उनके जाने से समाज और पंजाबियों को बड़ा नुकसान हुआ है और उनके जानने वाले, रिश्तेदार, परिवार और पंजाब के कोने-कोने से आए लोग काफी दुखी दिखाई दिए और वे उनकी यादों को ताजा करते दिखाई दिए।