अमृतसरः जिले के गांव सैदपुर में एक पुराने और जर्जर मकान को गिराने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। मकान का लेंटर अचानक ढह जाने से मलबे के नीचे दबकर गुरुद्वारा दमदमा साहिब भिंडी औलख के मुख्य सेवादार बाबा मुख्तार सिंह तथा उनके सहयोगी अजेपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव के एक परिवार ने अपने पुराने मकान को हटाने और उसके मलबे को जरूरतमंदों की सेवा में उपयोग करने के लिए सहायता मांगी थी। इसी उद्देश्य से बाबा मुख्तार सिंह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे।
मकान को गिराने का कार्य चल रहा था कि अचानक लेंटर भरभराकर नीचे आ गिरा और दोनों उसकी चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में भाग दौड़ मच गई। स्थानीय लोगों और संगत के सहयोग से घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बाबा मुख्तार सिंह लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़े हुए थे। क्षेत्र के लोगों के अनुसार वे जरूरतमंद परिवारों की सहायता, निर्माण कार्यों में सहयोग और समाजसेवा के अनेक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। लोगों के सुख-दुख में शामिल होना उनकी पहचान बन चुका था।
उनके निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय निवासी परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। लोगों ने बाबा मुख्तार सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन सेवा और मानवता के कार्यों के लिए समर्पित किया था। गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस हादसे को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुराने और खतरनाक भवनों को गिराने के दौरान सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
