पुलिस की कार्रगुजारी पर उठने सवाल
कपूरथलाः जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस युवक को परिवार ने मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर भोग भी डाल चुका था, वह करीब 15 दिन बाद केंद्रीय जेल कपूरथला में जिंदा मिला। जेल से फोन आने पर परिवार पहले तो स्तब्ध रह गया, लेकिन जब जेल पहुंचकर युवक को अपनी आंखों से देखा तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गांव कादूपुर निवासी रवि कुमार के पिता टीटी और भाई अमनदीप कुमार ने बताया कि रवि 5 अगस्त को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की। जब उसका कोई पता नहीं चला तो 11 अगस्त को वे थाना सिटी कपूरथला में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने पहुंचे।
परिवार के अनुसार, इसी दौरान पुलिस ने उन्हें बताया कि कांजली रोड स्थित ट्रेनिंग सेंटर के पास गली-सड़ी हालत में एक युवक का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव की फोटो परिवार को दिखाई। कुछ दिनों बाद परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों ने फोटो के आधार पर शव की पहचान रवि कुमार के रूप में कर ली। इसके बाद परिवार ने 13 अगस्त को शव का अंतिम संस्कार कर दिया और 15 अगस्त को भोग भी डाल दिया। मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब 2 सितंबर को परिवार के पास केंद्रीय जेल कपूरथला से फोन आया। जेल कर्मचारी ने बताया कि रवि कुमार नाम का युवक जेल में बंद है।
यह सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। शुरुआत में परिवार को इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। जब परिजन जेल पहुंचे और रवि कुमार से मिले, तो वे हैरान रह गए। उनका बेटा सामने जिंदा मौजूद था। परिवार के अनुसार, रवि ने उन्हें बताया कि उसे जालंधर पुलिस ने आवारागर्दी के एक मामले में पकड़ कर जेल भेजा था। परिवार का कहना है कि पुलिस द्वारा अज्ञात युवक का शव मिलने और उसकी पहचान रवि के रूप में होने के बाद उन्होंने पूरे रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। अब परिवार अपने बेटे के जिंदा मिलने से खुश है।
वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले ने कपूरथला पुलिस की कार्यप्रणाली और अज्ञात शव की पहचान को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जिस युवक के शव की पहचान रवि कुमार के रूप में हुई, वह कौन था। उसकी पहचान रवि के रूप में कैसे हुई, यह जांच का विषय है। पुलिस के लिए अब चुनौती अज्ञात शव की वास्तविक पहचान और इस पूरी घटना की जांच करना है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।