अमृतसरः मकबूलपुरा इलाके में महिला के साथ मारपीट और अपमान करने का मामला सामने आया है। पीड़ित सरबजीत कौर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उसका पति करीब एक महीने से जेल में है। आरोप है कि उसका देवर लंबे समय से उसके ऊपर गलत नजर रख रहा था। उसने कहा कि इस संबंध में पहले भी पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है। पीड़िता ने कहा कि 3 दिन पहले उसके देवर ने जबरदस्ती करने और उसकी सम्मान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जिसके कारण उसके सिर और पेट पर गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद उसे पहले सिविल अस्पताल अमृतसर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देख उसे गुरु नानक देव अस्पताल रेफ़र कर दिया। इलाज के बाद अब उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पीड़िता ने कहा कि पुलिस की तरफ से अभी तक उसके बयान दर्ज नहीं किए गए हैं, जिसके कारण उसे इंसाफ नहीं मिल रहा। उसने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं गुरदासपुर में रह रही पीड़िता की बहन कविता ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वह अमृतसर पहुंची और अपनी बहन को जख्मी हालत में अस्पताल दाखिल करवाया।
उसने दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए। दूसरी ओर मामले से सम्बंधित मकबूलपुरा थाना की एसएचओ अमनदीप कौर ने बताया कि 10 जून को पुलिस को 5 नंबर गली में लड़ाई-झगड़े की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसएसआई हरविंदर सिंह पुलिस पार्टी सहित मौके पर पहुंचे और दूसरी ओर के हरप्रीत सिंह को हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि देवर-भाभी के इस विवाद में किसी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए हरप्रीत सिंह को प्रिवेंटिव एक्शन के तहत जेल भेजा गया है।
एसएचओ अमनदीप कौर ने पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए इस आरोप को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी कई बार अस्पताल गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने पीड़िता को बयान देने के लिए असमर्थ बताया। जैसे ही पीड़िता बयान देने लायक होगी, उसके बयानों के आधार पर बने धाराओं के तहत तुरंत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कपड़े फाड़ने या सम्मान भंग जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक पहले दो महिलाओं के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके दौरान हरप्रीत सिंह ने दखल देते हुए सरबजीत कौर के सिर पर चोट मारी थी। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
