मुक्तसर: जिले के गांव मिड्डूखेड़ा में पुरानी रंजिश के चलते 23 वर्षीय युवक संदीप सिंह उर्फ बबलू की लोहे की रॉड और डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। परिवार के मुताबिक, संदीप सिंह को गांव की नहर के पास अकेला घेरा हुआ था। आरोप है कि जगदीश राम, अजय कुमार, पवन और 5 अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने लोहे की रॉड और डंडों से उस पर बेरहमी से हमला किया। मृतक संदीप के भाई जगदीप सिंह ने बताया कि जब वह भागकर नहर के पास पहुंचे तो हमलावर उसे डंडे से पीट रहे थे। जिसके बाद वह उसे उठाकर अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल में आज उसकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि घटना को लेकर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। परिवार ने कहा कि जब तक हमें इंसाफ नहीं मिलता, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। संदीप के दूसरे भाई लवप्रीत सिंह का कहना है कि हमलावर उसे पिछले कई दिनों से धमकियां दे रहे थे। मेरे भाई पर 24 घंटे नजर रखी जा रही थी। इन लोगों ने उसे नहर पर घेरकर मार दिया। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय हमारे ऊपर दबाव बना रही है। मृतक की मां बलविंदर कौर और परिवार की महिलाओं ने आरोप लगाया कि हमलावरों को सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े स्थानीय नेताओं की सुरक्षा मिली हुई थी। इस राजनीतिक रंजिश के कारण पुलिस गिरफ्तारी से बच रही है। वह सरेआम धमकी देता था कि वह बबलू को पीट-पीटकर मार देगा। हम इंसाफ चाहते हैं।
जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, हम लाश का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। घटना के बाद गांव में भारी तनाव है और पीड़ित परिवार के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए हैं। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद भी लाश लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। परिवार ने पोस्टमार्टम के बाद भी लाश लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

