फ़ाज़िल्का: पंजाब के फाजिल्का जिले में पुलिस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड अटैक में 2 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस हमले को लेकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह निवासी बस्ती हजारा राम सिंह, जलालाबाद और मनप्रीत सिंह (निवासी: घुबाया) के रूप में हुई है। हालांकि घटना के दौरान शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या गाड़ी की बैटरी फटने का अंदेशा जताई जा रही थी। लेकिन अब पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया ग्रेनेड हमला था। वहीं डीआईजी स्नेहदीप शर्मा और फाजिल्का एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का बड़ा खुलासा किया है।
मामले की जानकारी देते हुए डीआईजी ने बताया कि देर रात करीब 2 बजे जलालाबाद सिटी थाने पर एक छोटा ग्रेनेड फेंका गया था। गनीमत रही कि इस हमले में कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ, केवल परिसर में खड़ी पुरानी गाड़ियों के शीशे टूटे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और धारा 177 के तहत एफआईआर दर्ज कर ताबड़तोड़ तफ्तीश शुरू की गई। एसएसपी फाजिल्का के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने दिन-रात एक कर इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। फाजिल्का पुलिस ने पूरी रात और दिन लगातार इन्वेस्टिगेशन की। इस मामले में आरोपियों गुरप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया है।
इसके अलावा, जिन दो लोगों ने इन्हें ग्रेनेड मुहैया करवाया था, उनकी भी पहचान कर ली गई है। फिरोजपुर और फाजिल्का पुलिस की टीमें लगातार अन्य ठिकानों पर रेड कर रही हैं और इस पूरे मॉड्यूल व नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है।” डीआईजी स्नेहदीप शर्मा ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सीमा पार यानी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों की संलिप्तता का भी अंदेशा जताया। उन्होंने बताया कि जिस तरह से सीमावर्ती इलाकों में लगातार हथियार और एक्सप्लोसिव की रिकवरी हो रही है, यह भी उसी पाकिस्तानी नेटवर्क का हिस्सा लगता है। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल और टेक्निकल डाटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, जिसके बाद इस साजिश के पीछे छिपे विदेशी हैंडलर्स और अन्य सहयोगियों का भी पर्दाफाश होगा।