चंडीगढ़: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किशाऊ परियोजना समझौता पर हस्ताक्षर किए।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किशाऊ परियोजना की बात करें तो 12 मई 1994 को एक समझौता हुआ था कि बेसिन में आने वाली प्रत्येक भंडारण परियोजना के लिए अलग-अलग समझौते किए जाएँगे। यदि वह व्यवस्था न होती, तो यह संभव नहीं होता। फिर 2019 में लखवार और रेणुकाजी परियोजनाओं के विवाद समाप्त होने के बाद किशाऊ का कार्य आगे बढ़ा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है। इसका लगभग 90 प्रतिशत वित्तीय भार भारत सरकार वहन करेगी और शेष 10 प्रतिशत राशि 1994 के समझौते के अनुसार भागीदार राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। उत्तराखंड सरकार की कुछ कठिनाइयां थीं। भारत सरकार की ओर से हमने उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी माँगों को भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत समाहित करने का प्रयास किया जाएगा और आगे उत्तराखंड पर आने वाले वित्तीय भार के वहन में भी हम उनकी मदद करेंगे।

अमित शाह ने कहा कि जब से रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी हैं, मोदी जी के नेतृत्व में यमुना के शुद्धिकरण के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। यमुना जब स्वच्छ होती है, तो गंगा भी स्वच्छ होती है; क्योंकि अंततः यमुना प्रयागराज में गंगा में ही समाहित होती है। जब तक यमुना की स्वच्छता का स्वप्न पूरा नहीं होता, गंगा की स्वच्छता का स्वप्न भी अधूरा रहेगा।