चंडीगढ़/नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026: पंजाब सरकार ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों और केंद्रीय संस्थानों के साथ विस्तृत चर्चा की।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पंजाब के सरकारी स्कूलों में AI आधारित शिक्षण मॉडल को लागू कर छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाना बताया गया है।

वैश्विक टेक कंपनियों से चर्चा
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने Google, Deloitte, Intel, OpenAI, NVIDIA और Dell जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। चर्चा का फोकस स्केलेबल AI समाधान, डिजिटल शिक्षण ढांचे और भविष्य की शिक्षा पद्धति पर रहा।
प्रतिनिधिमंडल में सचिव स्कूल शिक्षा सोनाली गिरी, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह और डीजीएसई श्री अरविंद भी शामिल थे।

केंद्रीय मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श
पंजाब के प्रतिनिधियों ने Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) और Ministry of Education के अधिकारियों के साथ भी बातचीत की। राष्ट्रीय AI रणनीति, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा में तकनीक के उपयोग के मॉडल पर विचार साझा किए गए।
PAL और FLN पर विशेष जोर
चर्चाओं के दौरान Personalised Adaptive Learning (PAL) और Foundational Literacy & Numeracy (FLN) को मजबूत करने के लिए AI के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
संभावित प्रस्तावों में शामिल हैं:
- AI आधारित मूल्यांकन प्रणाली
- बहुभाषी शिक्षण उपकरण
- शिक्षकों के लिए सहायता प्लेटफॉर्म
- रीयल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड
- स्कूल अवसंरचना की डिजिटल निगरानी
अधिकारियों का मानना है कि इन उपायों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों के बीच सीखने की खाई को कम किया जा सकता है।
पंजाब का उभरता एडटेक इकोसिस्टम
शिक्षा मंत्री ने Punjab Startup Pavilion का भी दौरा किया और राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित AI स्टार्टअप्स से बातचीत की। अधिकारियों ने कहा कि पंजाब एजुकेशन टेक्नोलॉजी इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि तकनीक को शिक्षकों के लिए सहायक उपकरण और छात्रों के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शक के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नई पीढ़ी को तैयार किया जा सके।
