नई दिल्ली: पीएम मोदी इन दिनों दो दिन के उज्बेकिस्तान दौरे पर हैं। ताशंकद पहुंचने के बाद उन्होंने उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन की ओर से आयोजित हुए एक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी लोगों के साथ योग करते और उनको योगा का अभ्यास करवाते भी दिखे।
योग कार्यक्रम के दौरान उज्बेकिस्तान के लोगों में खास उत्साह भी देखने को मिला। कार्यक्रम जैसे खत्म हुआ वैसे ही पीएम मोदी ने लोगों के साथ सेल्फी ली। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जहां पर योग को लोकप्रियता मिली हुई है। उज्बेकिस्तान में भी योग के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है। पीएम मोदी ने इस योग कार्यक्रम में भाग लेकर स्वास्थ्य और फिटनेस के साथ भारत और उज्बेकिस्तान के बीच में सांस्कृतिक जुड़ाव का एक खास संदेश दिया।
दोनों देशों के बीच संबंध होंगे मजबूत
पीएम नरेंद्र मोदी का यह योग कार्यक्रम दोनों देशों के बीच में सांस्कृतिक और लोगों के बीच के रिश्तों को मजबूत बनाने की दिशा में एक जरुरी कदम के तौर पर साबित होगा। योग सिर्फ भारत की प्राचीन ही परंपरा नहीं है बल्कि दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां पर इसको मान्यता मिली है।
उज्बेकिस्तान में भी योग के प्रति लोगों की काफी दिलचस्पी बढ़ी है। वहीं पीएम मोदी ने खुद योग कार्यक्रम में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य और फिटनेस के साथ भारत और उज्बेकिस्तान के बीच में एक सांस्कृतिक जुड़ाव का मैसेज दिया है।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति से भी की बातचीत
योगा कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ भी प्रतिनिधिमंडल स्तर पर बातचीत करने वाले हैं। इस बैठक में दोनों देशों के बीच में रणनीतिक साझेदारी को कैसे मजबूत किया जाए इस पर चर्चा होगी। इसके अलावा बैठक में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और दोनों देशों के बीच के लोगों में संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। इसके अलावा आपसी साथ के नए क्षेत्रों पर भी दोनों नेता पर भी चर्चा करेंगे।
भारत-एशिया में मजबूत होंगे रिश्ते
पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान का दौरा उस समय किया है जब भारत की ओर से मध्य एशिया के देशों के साथ में अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं उज्बेकिस्तान भारत का एक जरुरी क्षेत्रीय साझेदार भी है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच में साथ को नई दिसा मिलेगी और पहले से मौजूद संबंधो को और मजबूत बनाने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा पीएम की राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ बैठक भी जरुरी मानी जा रही है।