नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने लोगों से खास अपील की है। उन्होंने खाड़ी देशों के शासकों से मुस्लिम देशों के बीच में एकता और सहयोग को मजबूत करने के लिए अपील की है। मैसेज में उनका यह कहना है कि मुसलमानों के बीच नस्ल, संस्कृति, समाज, अर्थव्यवस्था, राजनीति और जमीन के अंदर को आपसी फूट के कारण नहीं बनने देना चाहिए।
The enemy of Islam strives to turn racial, cultural, social, economic, political, and geographical difference into a pretext for sowing division among the Muslims to see the erosion of their strength, as he waits for an opportune moment to impose his dominance over them.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) August 30, 2026
खामेनेई ने यह कहा है कि इस्लाम के विरोधी जो भी ताकते हैं वो इन मतभेदों का फायदा उठाकर मुसलमानों को कमजोर करना चाहती है। उनके अनुसार ऐसी ताकतों को मुस्लिम देशों के बीच दूरी बढ़ाने और अपना प्रभाव मजबूत करने के मौके की तलाश में रहती है।
मुसलमानों को मानते हैं असली दुश्मन
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने मैसेज के जरिए मुस्लिम देशों से आपसी एकता को बनाए रखने के लिए क हा है। उनका यह कहना है कि अलग-अलग देशों के बीच में मतभेद होने के बाद भी मुसलमानों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। जरुरत के समय एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। उन्होंने खाड़ी देशों के शासकों से भी अपने आस-पास की परिस्थितियों को समझने और उन ताकतों को पहचानने की अपील की है जिनको वो मुसलमानों का असली दुश्मनों मानते हैं।
एक-दूसरे की करें मदद
खामेनेई ने मुस्लिम देशों के बीच में साथ और एक-दूसरे की सुरक्षा में मदद करने पर जोर दिया है। उन्होंने यह कहा है कि आपसी मतभेदों को बढाने की जगह हितों पर ध्यान देना चाहिए। उनका यह मैसेज ऐसे समय पर आया है कि जब पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय तनाव को लेकर भी चिंता बनी हुई है। खाड़ी देशों और ईरान के बीच में रिश्ते भी लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति का जरुरी हिस्सा माना जा रहा है।
बता दें कि मोजतबा खामेनेई ने यह संदेश ऐसे समय में दिया है जब युद्ध का आर्थिक असर वाशिंगटन के द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भी दिख रहा है।