ऊना,सुशील पंडित: राजकीय उत्कृष्ट स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऊना की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आज 24 सितंबर को ‘रा०से०यो० स्थापना दिवस’ (NSS Foundation Day) अत्यंत सेवा भाव, संवेदनशीलता और गरिमामयी ढंग से मनाया गया। इस विशेष अवसर पर स्वयंसेवियों ने “स्वयं से पहले आप” (Not Me But You) के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एक दिवसीय विशेष रोगी सहायता एवं फल वितरण अभियान चलाया।
प्राचार्या डॉ० मीता शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
अभियान की शुरुआत महाविद्यालय परिसर से हुई, जहाँ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ० मीता शर्मा, डॉ० पवित्र दुलारी एवं अन्य वरिष्ठ प्राध्यापकों ने स्वयंसेवियों के दल को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्रीय अस्पताल के लिए रवाना किया। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ० मीता शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बनाना है। अस्पताल में उपचाराधीन असहाय व बीमार व्यक्तियों की सेवा करने से युवाओं में मानवीय करुणा, परोपकार और निःस्वार्थ सेवा की भावना सुदृढ़ होती है।
अस्पताल के विभिन्न वार्डों में बांटे ताजे फल
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुँचकर स्वयंसेवियों ने अस्पताल के सामान्य वार्ड (General Ward), बाल चिकित्सा वार्ड (Paediatric Ward) तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग वार्ड (Gynecological Ward) में भर्ती मरीजों से भेंट की। स्वयंसेवियों ने मरीजों का कुशलक्षेम जाना, उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और उन्हें ताजे फल वितरित किए। बाल चिकित्सा वार्ड में उपचाराधीन मासूम बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ-साथ प्रसूति वार्ड में भी स्वयंसेवियों ने अत्यंत आत्मीयता से फल वितरण किया।
ओपीडी में मरीजों का मार्गदर्शन व सहयोग
वार्डों में फल वितरण के साथ-साथ स्वयंसेवियों ने अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग (OPD) की कतारों, पर्ची काउंटरों और पंजीकरण कक्षों में भी सेवा कार्य किया। स्वयंसेवियों ने दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए बुजुर्गों, महिलाओं एवं दिव्यांग मरीजों को टोकन लेने, संबंधित डॉक्टर कक्ष, प्रयोगशाला तथा दवा वितरण केंद्र तक पहुँचने में सहयोग प्रदान किया।
अस्पताल प्रशासन ने की मुक्तकंठ से सराहना
इस पूरे सेवा अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने में क्षेत्रीय अस्पताल की मेट्रन (Matron) तथा नर्सिंग एवं प्रशासनिक स्टाफ का विशेष सहयोग व समन्वय रहा। अस्पताल प्रशासन ने महाविद्यालय की इस अनूठी पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से मरीजों को संबल मिलता है और स्वास्थ्य प्रणाली में युवाओं का सहयोग सराहनीय कदम है।
प्रो० विकास सैनी के नेतृत्व में संपन्न हुआ अभियान
इस पूरे सेवा कार्यक्रम का नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष व NSS कार्यक्रम अधिकारी प्रो० विकास सैनी ने किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में दिन भर की सभी गतिविधियों की निगरानी की और स्वयंसेवियों को अनुशासन एवं शिष्टाचार के साथ सेवा करने के लिए निर्देशित किया। प्रो० विकास सैनी ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। इस अभियान ने विद्यार्थियों को समाज के वास्तविक संघर्षों से रूबरू कराकर उनमें सामाजिक सरोकार और सहानुभूति का गहरा संदेश दिया है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की और से NSS प्रोग्राम ऑफिसर प्रो विकास सैनी , अस्पताल स्टाफ तथा रा०से०यो० के दर्जनों स्वयंसेवी उपस्थित रहे। दिन भर चले इस सेवा कार्य ने समूचे क्षेत्र में निस्वार्थ समाज सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।