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भरभराकर गिरा 391 करोड़ की लागत से बना Bridge का भाग, देखें वीडियो

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जबलपुरः मध्य प्रदेश के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे (NH 45) पर शहपुरा-भिटौनी में हाईवे पर बनाए गए पुल का दूसरा हिस्सा धंस गया। जबलपुर से 40 किलोमीटर दूर पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बंद हो गया। इससे पुल के दोनों ओर लम्बा जाम लग गया। छोटे वाहनों को भेड़ाघाट से सिहोदा और बड़े वाहनों को भेड़ाघाट से किसरौंध होते हुए डायवर्सन दिया गया है। गनीमत रही, जिस समय ब्रिज का हिस्सा टूटा उस स्थान पर कोई वाहन नहीं था। ब्रिज का हिस्सा देखकर ऐसे लग रहा था, जैसे भूकंप के कारण जमीन धंस गई हो।

 

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यह ब्रिज काफी खतरनाक स्थिति में आ गया है। एमपी की राजधानी भोपाल को जबलपुर से जोड़ने वाला एनएच-45 पर शहपुरा के पास बना ब्रिज दो महीने में दूसरी दफा भरभराकर टूट गया। रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बना यह ब्रिज काफी खतरनाक हो गया है। ब्रिज धंसने के बाद वाहनों को शहपुरा के अंदर से डायवर्ट किया गया। कुछ वाहनों को अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। जहां यह ब्रिज मौजूद है, उसकी जबलपुर से दूसरी मात्र 30-35 किलोमीटर दूर होगी। ब्रिज ज्यादा पुराना भी नहीं है, करीब 5 साल पहले ही यह बनकर तैयार हुआ था।

बता दें कि इसी ब्रिज का दूसरे तरफ का एक हिस्सा दिसंबर महीने में ठीक इसी तरह भरभराकर नीचे गिर गया था। उस हिस्से की मरम्मत का काम अभी चल रहा था और उस हिस्से से आवागमन पूरी तरह बंद था। अधिकारियों ने जिस हिस्से वाहनों की आवाजाही चालू रखी थी, रविवार को वहीं हिस्से भी धंस गया और बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे पहुंच गया। मौके पर उपर से देखने पर यह खाई जैसा दिख रहा था। नीचे से यह काफी खतरनाक दिख रहा है। हैरानी की बात यह है कि अभी यह पुल अपने गारंटी पीरियड में ही था, लेकिन सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें और अब ब्रिज का गिरना साफ तौर पर घटिया निर्माण सामग्री की ओर इशारा कर रहा है।

हाईवे मार्ग का निर्माण एमपीआरडीसी के अधीन कराया गया था। इसमें निर्माण एजेंसी मेसर्स बागड़ इंफ्रा प्रोजेक्टस एलटीडी और मेसर्स सोराठिया को बीते महीने ही ब्लैक लिस्ट किया गया है। मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। बीते 5 साल से इस मार्ग पर टोल बैरियर के माध्यम से एनएचएआई वाहनों से टोल वसूल रहा है, लेकिन उसने अभी तक इस मार्ग को हैंडओवर नहीं लिया है। इसके पीछे जो कारण बताया गया है, उसमें निर्माण गुणवत्ता की कमियां है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।

 

 

 

 

 

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