इंदौरः नीट (National Eligibility cum Entrance Test) की तैयारी कर रही छात्रा ने देर रात तीसरी मंजिल से कूद गई। घायल अवस्था में उसे गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां सुबह ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। वहीं छात्रा के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य ने कहा- ‘बेटी अवंतिका 3 बार नीट दे चुकी थी। पिछली बार रिजल्ट नहीं आने से डिप्रेशन में थी। उसने सुसाइड किया है।’ उन्होंने यह बात पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी से बातचीत में कही। डॉ. बंशीलाल खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं।
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पुलिस के मुताबिक, अवंतिका मौर्य धाकड़ कॉलोनी की एक निजी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी। डॉ. सपना ने बताया कि अवंतिका 3 बार नीट का एक्जाम पास नहीं कर पाई थी। वो कहती थी एमबीबीएस तो करके रहूंगी, लेकिन हाल ही में परीक्षा रद्द होने के बाद वह तनाव में थी। कल सामान्य रूप से बातचीत भी नहीं कर रही थी। पूरे दिन काफी चुप-चुप थी। ज्यादातर सवालों के जवाब सिर्फ हां या न में ही दे रही थी। देर रात 11:30 बजे वह मोबाइल पर चचेरी बहन नैना से बात कर रही थी। इसी दौरान सीढ़ियां चढ़ते हुए छत की तरफ चली गई। फिर नीचे आ गिरी। आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग बाहर आए। एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया।
अवंतिका मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग की वजह से पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे फ्लैट के अंदर थे। पिता घायल अवंतिका को लेकर तुरंत जूपिटर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। सुबह करीब 5 बजे उसने दम तोड़ दिया। भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने कहा कि अवंतिका के मोबाइल की जांच, कॉल डिटेल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा दुर्घटनावश गिरी थी या उसने आत्महत्या की है। एसएफएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
