जालंधरः रेडक्रॉस ऑडिटोरियम में एक नशीले पदार्थों के दुरुपयोग का खतरा, महिलाओं पर पड़ने वाले बोझ को उजागर करने को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें नेशनल कमीशन फॉर वूमेन की कमिश्नर विजया रहाटकर ने कार्यक्रम में मुख्यातिथि शिरकत की। प्रोग्राम की शुरूआत दीप प्रज्जवलित करके की गई। जिसमें सभी छात्रों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई।
विजया रहाटकर ने संबोधित करते कहा कि मां का प्यार बच्चे को बहुत कुछ करवाता है। मां-बहन का प्यार ही नशे की गिरफ्त में युवा को बाहर निकालने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा जन्म से नशा नहीं करता है, उसकी संगत बदलने या संवाद बदलने से ही बच्चा नशे की गिरफ्त मेें जाता है। ऐसे में मां-बहन का बहुत बड़ा रोल होता है कि वह अपने बेटे और भाई को नशे की गिरफ्त से कैसे बाहर निकाले। मां अपने प्यार और शब्दों से नशे से बाहर निकाल सकती है। इसी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आज भी मां-बहनों के साथ ये प्रोग्राम को लेकर चर्चा की गई।

