जालंधर, ENS: पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने आज फिल्लौर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी का दौरा किया। दरअसल, यह पुलिस ट्रेनिंग का एक प्रमुख केंद्र है, जिसे 134 साल पहले स्थापित किया गया था। वहां, उन्होंने “पंजाब पुलिस में महिलाओं की मुख्यधारा में भागीदारी” (Mainstreaming of Women in Punjab Police) नाम के जेंडर सेंसिटाइज़ेशन प्रोजेक्ट के तहत ‘राउंड-3’ ट्रेनिंग के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। इसी साथ ही, उन्होंने रक्षा मंत्रालय द्वारा वेरिफिकेशन के लिए पंजाब पुलिस के ‘सांझ’ (Saanjh) प्लेटफॉर्म पर एक ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किया।
मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पूरे राज्य में 3 चरणों में आयोजित होने वाली इस राज्य-स्तरीय ट्रेनिंग के ज़रिए 1,500 से 2,000 पुलिसकर्मियों को जेंडर-सेंसिटिव (लिंग-संवेदनशील), अधिकारों पर आधारित और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग के लिए ज़रूरी कौशल और समझ से लैस किया जाएगा, जिसमें महिलाओं, बच्चों और समाज के अन्य कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ट्रेन्ड मास्टर ट्रेनर्स, स्टैंडर्ड ट्रेनिंग मॉड्यूल और कम्युनिटी अफेयर्स डिवीज़न (CAD), हार्टेक फाउंडेशन और J-PAL साउथ एशिया के लगातार टेक्निकल सपोर्ट से, हम PPMMs के सिद्धांतों को रोज़मर्रा की पुलिसिंग में शामिल करने के लिए काम कर रहे हैं। डीजीपी ने कहाकि एक सचमुच जन-केंद्रित पुलिस बल को संवेदनशील, समावेशी और जवाबदेह होना चाहिए। पंजाब पुलिस हर नागरिक के लिए सम्मान, सहानुभूति और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

