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प्रभु सिमरन में अधिक से अधिक समय देना चाहिए: आचार्य शिव शास्त्री

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ऊना के डंगोली में श्री कृष्ण नाम के सुमिरन व संकीर्तन का हुआ गुणगान

ऊना/सुशील पंडित: देवभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना उपमंडल के तहत पड़ती ग्राम पंचायत डंगोली में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन क्षेत्र के सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिव शास्त्री ने अपने मुखारविंद से प्रवचनों की अमृत बर्षा करते हुए असंख्या में उमड़े श्रद्धालुओं को भक्ति रस में रंग दिया। इस धार्मिक अनुष्ठान के बीच ऊना की धरती ऐसे लग रही थी मानो कि भगवान श्री कृष्ण स्वयं धरती पर अवतरित हो चुके हैं और सारी नगरी कृष्णमय रंग में रग गई। इस अलौकिक अमृत वर्षा से ऐसा लग रहा था कि चारों ओर श्री कृष्ण लीला का गुणगान हो रहा हो।

आचार्य शिव शास्त्री ने अपने मुखाविंद से राजा परीक्षित के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि राजा परीक्षित को ज्ञात था कि उसकी मृत्यु 7 दिन के भीतर होने वाली है, जब उन्हें कोई चारा नहीं मिला और वह दिन-रात पागलों की तरह इधर-उधर मौत के साए से डरते हुए अति चिंतित थे, लेकिन प्रभु की उनके ऊपर इतनी कृपा बरसी कि वह भागवत की शरण में जाकर उनका 7 दिन लगातार श्रवण करने लगे और भगवान ने उनकी सच्ची लग्न और श्रद्धा को देखते हुए उनके मृत्यृ श्राप को माफ  कर दिया। उन्होने बताया कि इसी प्रकार शुकदेव ने देखा कि देवराज इंद्र में अभिमान झलक रहा है। क्योंकि उन्होने भागवत कथा नहीं सुनी थी और न ही उनको भागवत कथा का ज्ञान था। इसलिए सभी देवतागण इंद्र देव का विरोध करने लगे थे, आखिर शुकदेव ने उनको भागवत कथा सुनने का आह्वान किया और उनकी जो मति अभिमान से झलक रही थी वह मात्र भागवत कथा सुनने से ही ताड़ताड़ हो गई थी।

कथावाचक आचार्य शिव शास्त्री जी महाराज ने बताया कि जो भी व्यक्ति इस संसार में श्रीमदभागवत कथा सुनता है वह सदैव के लिए जन्म मरण के चक्कर से मुक्ति पाकर मोक्ष को प्राप्त होता है। उन्होने बताया कि हमारा मानव रूपी जीवन हमेशा इस संसार के मोह जाल के पीछे भागता है। जिसके परिणाम शून्य के समान है अत: हमें कुसंगतियों से बचकर प्रभु सिमरन में अधिक से अधिक समय देना चाहिए और प्रभु के भजन और भक्ति से ही हमारे इस मानव रूपी जीवन को मुक्ति प्राप्त हो सकती है इसके सिवा ओर कोई दूसरा रास्ता नही है। उन्होने कहा कि प्रभु की भक्ति दृढ़ विश्वास के साथ करनी चाहिए, उसी में जीवन का सच्चा आनदं है।  इस दौरान उन्होंने भक्तिमय भजन सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करने के साथ-साथ झुमने पर मजबूर कर दिया।

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