नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन के कारण भारी पुलिस फोर्स लगाई गई। 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली 250 से ज्यादा मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। पाबंदियों की वजह से शनिवार के लिए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों से आने-जाने वाली कम से कम 75 लंबी दूरी की एक्सप्रेस और मेल ट्रेनें, साथ ही 179 लोकल ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। यह संख्या बढ़ सकती है। वहीं, लंबी दूरी की इन 75 ट्रेनों में से 40 को दिल्ली आना था और 35 को दूसरे राज्यों के लिए रवाना होना था। रद्द की गई ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनें बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बाकी रेलवे टाइम-टेबल पर भी असर पड़ेगा क्योंकि दिल्ली से शुरू होने वाली ट्रेनों की वापसी की यात्रा के लिए उन्हीं रेक की जरूरत होगी। नॉर्दर्न रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के दूसरे स्टेशनों – जैसे आनंद विहार, पुरानी दिल्ली, दिल्ली कैंट और सराय रोहिल्ला – पर आने वाली ट्रेनें अपने तय समय के अनुसार चलेंगी, बशर्ते कोई बाहरी रुकावट न हो। रद्द की गई ट्रेनों में मगध एक्सप्रेस, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस शामिल हैं।
नई दिल्ली-इंदौर, हजरत निजामुद्दीन-बांद्रा और हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर सिटी के बीच चलने वाली ट्रेनें भी प्रभावित हो सकती हैं। तिलक ब्रिज-श्री गंगानगर, तिलक ब्रिज-भिवानी और नई दिल्ली-देहरादून के बीच चलने वाली ट्रेनों में भी देरी हो सकती है। रेलवे ने मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (12951) और मुंबई सेंट्रल-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12953) का समय भी बदल दिया है।
पहली ट्रेन शनिवार सुबह 8:32 बजे और दूसरी सुबह 9:43 बजे पहुंचने वाली थी। दोनों ट्रेनों के समय में पाँच घंटे की देरी की गई है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों स्टेशनों के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की आशंका के कारण 179 लोकल ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं और आने वाली ट्रेनों के रेक (डिब्बों के सेट) उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए एक साथ इतनी सारी ट्रेनों को रद्द करना भारतीय रेलवे के इतिहास में अभूतपूर्व है। सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच आने वाली ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
